{"_id":"68fd388a7a19517660053387","slug":"arbitrary-treatment-was-shown-in-providing-ventilator-support-to-the-girl-then-she-was-referred-and-died-lucknow-news-c-13-lko1070-1440582-2025-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: बच्ची को वेंटिलेटर सपोर्ट देने में की मनमानी, फिर किया रेफर, मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: बच्ची को वेंटिलेटर सपोर्ट देने में की मनमानी, फिर किया रेफर, मौत
विज्ञापन
लखनऊ। दुबग्गा स्थित निजी अस्पताल में भर्ती दो साल की बच्ची को वेंटिलेटर सपोर्ट देने में की गई मनमानी से उसकी मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया है। सीएमओ का कहना है कि जांच कराई जाएगी। इलाज में लापरवाही के आरोप सही मिले तो कार्रवाई होगी।
हरदोई के बघौली थानाक्षेत्र के महमूदपुर गांव निवासी संजीत अवस्थी की बेटी काव्या को बुखार आने पर जिला अस्पताल से लखनऊ के हायर सेंटर रेफर किया गया था। परिजनों का कहना है कि एक निजी एंबुलेंस दलाल ने सस्ते इलाज का झांसा देकर 20 अक्तूबर को बच्ची को दुबग्गा स्थित तुलसी हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया। हालत गंभीर होने पर उसे श्रीकृष्णा चिल्ड्रेन हॉस्पिटल रेफर किया गया।
आरोप है कि बृहस्पतिवार रात एक अन्य बच्चे को वेंटिलेटर की जरूरत पड़ने पर काव्या को वेंटिलेटर से हटा दिया गया। इसके कुछ ही देर बाद बच्ची को रक्तस्राव शुरू हो गया। इस पर परिजनों ने हंगामा किया तो शुक्रवार को करीब 14 घंटे बाद उसे दोबारा वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन तब तक हालत और बिगड़ चुकी थी।
विज्ञापन
पिता संजीत के मुताबिक, शुक्रवार देर शाम अस्पताल प्रशासन ने बच्ची को जबरन निजी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां इलाज का खर्च बहुत ज्यादा बताया गया। मजबूरी में वह उसे केजीएमयू लेकर जा रहे थे, तभी रास्ते में बच्ची की मौत हो गई।
वहीं, अस्पताल संचालक डॉ. शरद गुप्ता का कहना है कि बच्ची को एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस से रेफर किया गया था। निजी मेडिकल कॉलेज में वेंटिलेटर सपोर्ट भी दिया गया, लेकिन परिजन वहां इलाज कराने के बजाय उसे कहीं और ले जा रहे थे, इसी दौरान उसकी मौत हो गई।
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। यदि इलाज में लापरवाही की पुष्टि हुई, तो संबंधित अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
हरदोई के बघौली थानाक्षेत्र के महमूदपुर गांव निवासी संजीत अवस्थी की बेटी काव्या को बुखार आने पर जिला अस्पताल से लखनऊ के हायर सेंटर रेफर किया गया था। परिजनों का कहना है कि एक निजी एंबुलेंस दलाल ने सस्ते इलाज का झांसा देकर 20 अक्तूबर को बच्ची को दुबग्गा स्थित तुलसी हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया। हालत गंभीर होने पर उसे श्रीकृष्णा चिल्ड्रेन हॉस्पिटल रेफर किया गया।
विज्ञापन
आरोप है कि बृहस्पतिवार रात एक अन्य बच्चे को वेंटिलेटर की जरूरत पड़ने पर काव्या को वेंटिलेटर से हटा दिया गया। इसके कुछ ही देर बाद बच्ची को रक्तस्राव शुरू हो गया। इस पर परिजनों ने हंगामा किया तो शुक्रवार को करीब 14 घंटे बाद उसे दोबारा वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन तब तक हालत और बिगड़ चुकी थी।
विज्ञापन
पिता संजीत के मुताबिक, शुक्रवार देर शाम अस्पताल प्रशासन ने बच्ची को जबरन निजी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां इलाज का खर्च बहुत ज्यादा बताया गया। मजबूरी में वह उसे केजीएमयू लेकर जा रहे थे, तभी रास्ते में बच्ची की मौत हो गई।
वहीं, अस्पताल संचालक डॉ. शरद गुप्ता का कहना है कि बच्ची को एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस से रेफर किया गया था। निजी मेडिकल कॉलेज में वेंटिलेटर सपोर्ट भी दिया गया, लेकिन परिजन वहां इलाज कराने के बजाय उसे कहीं और ले जा रहे थे, इसी दौरान उसकी मौत हो गई।
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। यदि इलाज में लापरवाही की पुष्टि हुई, तो संबंधित अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।