करेंसी में हों कलाम की तस्वीरें, कहा जाए 'राष्ट्रनायक'
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देश को आजाद कराने में अभूतपूर्व योगदान देने वाले महात्मा गांधी ‘राष्ट्रपिता’ हैं, वैसे ही पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न अब्दुल कलाम को ‘राष्ट्रनायक’ घोषित किया जाए।
उनके नाम पर डाक टिकट जारी हो, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया व केंद्र सरकार कलाम पर करेंसी जारी करे और पाठ्यक्रम में कलाम की जिंदगी को शामिल किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके व्यक्तित्व को जान व समझ सकें।
यह महज मांगे नहीं, बल्कि प्रदेश के हजारों स्कूली बच्चों द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भेजे जा रहे पोस्टकार्ड का लब्बोलुआब है, जो नई सुबह फाउंडेशन की ओर से शुरू किए गए अभियान ‘कलाम को आखिरी सलाम’ में लखनऊ के अलावा गोरखपुर व बस्ती के विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों द्वारा भेजे जा रहे हैं।
अभियान का नेतृत्व न्यू हैदराबाद निवासी युवा समाजसेवी विनीत चतुर्वेदी कर रहे हैं। अभियान के विषय में विनीत बताते हैं कि डॉ. कलाम से पुस्तक मेले में पहली बार मुलाकात का मौका मिला। चूंकि, उनके लिए मन में अगाध श्रद्धा थी, इसलिए झट से पैर छू लिए।
मोदी को भेजे जाएंगे पत्र
विनीत बताते हैं कि इस अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दस हजार चिट्ठियां भेजी जानी हैं। इसके लिए विद्यालयों को चिट्ठियां उपलब्ध करा दी गई हैं। लखनऊ में इस अभियान से लामार्ट व सीएमएस सहित करीब दर्जनभर स्कूलों को जोड़ा जा रहा है।
चूंकि, डॉ. अब्दुल कलाम बेहद मुफिलिसी में जिए और देशहित में खुद को समर्पित कर दिया। इसलिए उनकी जीवनी को पाठ्यक्रम में जरूर शामिल किया जाना चाहिए।
डॉ. अब्दुल कलाम अक्सर कहा करते थे कि खुद पढ़ने के साथ कम से कम एक बच्चे को जीवन में जरूर शिक्षित करना चाहिए।
इसी उद्देश्य को गांठ बांधकर युवा समाजसेवी व फाउंडेशन के निदेशक विनीत चतुर्वेदी ने गरीब बच्चों को पढ़ाने का बीड़ा उठाया और प्रत्येक रविवार झोपड़पट्टियों में जाकर बच्चों को किताबें, स्टेशनरी बांटते हैं और उन्हें पढ़ाते हैं।