लखनऊ गैंगरेप में पुलिस ने बोला बड़ा झूठ!
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मोहनलालगंज कांड की पीड़िता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों किडनी मौजूद होने की बात सामने आने से कहानी फिर उलझ गई है।
महिला के पिता ने पुलिस के सामने दावा किया था कि उसने अपनी एक किडनी बीमार पति को डोनेट कर दी थी।
पीजीआई के डायरेक्टर ने भी इसकी पुष्टि की है लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों किडनी सुरक्षित होने की बात कही गई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डॉक्टर व महिला के पिता के दावों के बाद एक बार फिर राजधानी पुलिस कठघरे में खड़ी नजर आ रही है।
कोर्ट में हुआ खुलासा
यह भी सवाल उठने लगा है कि कहीं पुलिस ने पोस्टमार्टम मैनेज तो नहीं कराया। सोमवार शाम आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जब अफसरों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट ध्यान से पढ़ी तो इसका खुलासा हुआ।
रिपोर्ट में दोनों किडनी सुरक्षित बताई गई हैं। अभी तक पुलिस अफसर ऑफ द रिकार्ड यह तर्क दे रहे थे कि एक किडनी न होने के चलते महिला शारीरिक रूप से कमजोर थी इसलिए राम सेवक ने उसे काबू कर लिया।
लेकिन रिपोर्ट से एक बार फिर महिला को राम सेवक के अकेले दम पर काबू करने के पुलिस के दावे पर सवाल उठने लगे हैं।
यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट मैनेज कराई है। उधर, पोस्टमार्टम हाउस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि महिला की दाईं किडनी नहीं पाई गई थी।
युवक की मां ने दी किडनी
इस मामले पर एसजीपीजीआई चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश कपूर का कहना है कि महिला की किडनी का ट्रांसप्लांट काफी पहले हुआ था। पहले युवक की मां ने उसे किडनी दी थी।
यह किडनी कुछ साल बाद फेल हो गई जिसके बाद उसकी पत्नी ने किडनी डोनेट की।
वहीं एसएसपी प्रवीण कुमार का कहना है कि महिला के पिता ने खुद उसके किडनी डोनेट करने की जानकारी दी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उन्हें झूठा साबित कर दिया है। उन्होंने ऐसा क्यों किया? इसकी छानबीन कराई जाएगी।