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सपा के 'गुंडे' नेता ने दावत उड़ाकर किया सरेंडर
ब्यूरो/अमर उजाला, फैजाबाद
Updated Wed, 08 Jan 2014 12:58 PM IST
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सपाइयों की धमक के आगे पुलिस बौनी साबित हुई।
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टोल टैक्स प्लाजा कर्मियों की पिटाई के मुख्य आरोपी अजय यादव ने अपने एक साथी समेत मंगलवार को सीजेएम कोर्ट में बड़े आराम से समर्पण कर दिया।
जबकि पुलिस तीन दिन से फैजाबाद समेत लखनऊ में उसकी तलाश में जबरदस्त अभियान गिना रही थी।
अजय ने समर्पण से पहले दर्जनभर समर्थकों व वाहनों समेत कचहरी के पास एक होटल में दावत उड़ाई, फिर कोर्ट तक पहुंचा।
गिरफ्तारी के लिए एक सिपाही तक कहीं नहीं दिखा। अब तक इस मामले में कुल चार आरोपितों को जेल भेजा जा चुका है।
की थी जमकर गुंडई
नए साल के पहले दिन शाम को रौनाही थानाक्षेत्र के तहसीनपुर स्थित फोरलेन हाईवे के टोल टैक्स प्लाजा पर टैक्स मांगने पर मैनेजर व कर्मचारियों की फार्च्युनर सवार सपाइयों ने जमकर पिटाई की थी। एक कर्मी हाकिम सिंह को इतना मारा था कि उसका हाथ टूट गया।
पुलिस ने जानलेवा हमला करने, केबिन में घुसकर मारपीट करने, गंभीर चोट पहुंचाने की गंभीर धाराओं में मुकदमा के साथ 7 क्रिमिनल ला अमेंडमेंट की धारा भी लगाई।
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लेकिन मामला सपा के एक मंत्री के खास से जुड़ा होने के कारण लीपापोती शुरू हो गई। बाद में फुटेज सार्वजनिक होने पर सरकार की सख्ती के बाद धर-पकड़ शुरू हुई।
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फुटेज से पहचाने गए दो आरोपी भोला गुप्ता और राकेश को गिरफ्तार कर लिया गया, मगर मुख्य आरोपी अजय यादव उर्फ पप्पू फरार था।
कोर्ट से पहले गया होटल
सोमवार को इसकी कुर्की के लिए रौनाही पुलिस ने कोर्ट में अर्जी दी थी, साथ ही तलाश में लखनऊ के कई ठिकानों पर छापेमारी के दावे किए गए। लेकिन मंगलवार अजय यादव व वीरू पाठक काफिले के साथ आराम से कचहरी के पास एक होटल में समर्थकों समेत पहुंचे।
उनके अधिवक्ताओं पवन तिवारी, अमर यादव, अम्बरीश शुक्ल व डॉ. सुशील ने आत्मसमर्पण की अर्जी दी।
सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया। दोनों की ओर से दी गई जमानत अर्जी पर सुनवाई बुधवार को होगी।