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Lucknow News: केजीएमयू के लैब में सहेजा मस्तिष्क खोलेगा बीमारियों के राज
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केजीएमयू में एनाटॉमी विभाग के 114वें स्थापना दिवस समारोह में कुलपति प्रो सोनिया नित्यानंद और अन
किंग जाॅर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के एनाॅटमी विभाग में मानव मस्तिष्क को सहेजकर उसमें होने वाले बदलावों का आकलन किया जाएगा। इनके आधार पर मस्तिष्क संबंधी बीमारियों का पता लगाया जा सकेगा। केजीएमयू में एनॉटमी विभाग के अध्यक्ष डॉ. नवनीत चौहान ने यह जानकारी दी।
डॉ. नवनीत चौहान विभाग के 114वें स्थापना दिवस समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि विभाग में आने वाले शवों के मस्तिष्क लैब में सहेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब तक 20 मस्तिष्क सहेजे जा चुके हैं। मस्तिष्क संबंधी बीमारी के मामले में दिमाग की कोशिकाओं में बदलाव आता है। अलग-अलग बीमारियों में यह बदलाव भी अलग प्रकार का होता है। इस पर अध्ययन करके विभिन्न बीमारियों के बारे में पता लगाया जा सकेगा। इसके बाद इमेजिंग तकनीक का इस्तेमाल करके मरीजों में बीमारियों की जांच हो सकेगी। ऐसा होने पर उनके इलाज में आसानी होगी। इस माैके पर कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने एनाॅटमी विभाग की वेबसाइट का शुभारंभ किया। इस वेबसाइट पर शोध समेत विभाग की सभी जानकारी मिलेंगी। डॉ. जीपी सिंह ने कहा कि कमर दर्द के साथ ही रीढ़ की अन्य समस्याओं का आकलन ठीक से करना चाहिए। रीढ़ के किस हिस्से पर शरीर का भार ज्यादा रहता है, इसका पता लगाकर भी बीमारी की सटीक पहचान की जा सकती है। इस माैके पर आरूषी, आर्यन, आर्यन मित्तल, शास्वत, सौम्या, वंशिका, खुशी, आदित्य, पिहू अग्रवाल, रनवीर, तनिष्क, तरूण, दिव्य प्रकाश, दिवाकर, निशांत, चैतन्य, दिव्यांशु, मृदुल, पलक समेत अन्य छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
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डॉ. नवनीत चौहान विभाग के 114वें स्थापना दिवस समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि विभाग में आने वाले शवों के मस्तिष्क लैब में सहेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब तक 20 मस्तिष्क सहेजे जा चुके हैं। मस्तिष्क संबंधी बीमारी के मामले में दिमाग की कोशिकाओं में बदलाव आता है। अलग-अलग बीमारियों में यह बदलाव भी अलग प्रकार का होता है। इस पर अध्ययन करके विभिन्न बीमारियों के बारे में पता लगाया जा सकेगा। इसके बाद इमेजिंग तकनीक का इस्तेमाल करके मरीजों में बीमारियों की जांच हो सकेगी। ऐसा होने पर उनके इलाज में आसानी होगी। इस माैके पर कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने एनाॅटमी विभाग की वेबसाइट का शुभारंभ किया। इस वेबसाइट पर शोध समेत विभाग की सभी जानकारी मिलेंगी। डॉ. जीपी सिंह ने कहा कि कमर दर्द के साथ ही रीढ़ की अन्य समस्याओं का आकलन ठीक से करना चाहिए। रीढ़ के किस हिस्से पर शरीर का भार ज्यादा रहता है, इसका पता लगाकर भी बीमारी की सटीक पहचान की जा सकती है। इस माैके पर आरूषी, आर्यन, आर्यन मित्तल, शास्वत, सौम्या, वंशिका, खुशी, आदित्य, पिहू अग्रवाल, रनवीर, तनिष्क, तरूण, दिव्य प्रकाश, दिवाकर, निशांत, चैतन्य, दिव्यांशु, मृदुल, पलक समेत अन्य छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
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