वाराणसी में जमकर उपद्रव, पुलिस-पब्लिक में गुरिल्ला युद्घ
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी संतों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर सोमवार को फिर सुलग उठा। टाउनहाल से दशाश्वमेध के लिए निकली साधु-संतों की अन्याय प्रतिकार यात्रा में शामिल लोगों ने जमकर उपद्रव किया।
गोदौलिया चौराहे पर अफवाह के बाद मची भगदड़ में लौटती भीड़ ने पुलिस पर पत्थर चलाए। उपद्रवियों ने पुलिस की तीन जीपें और 25 से अधिक बाइक आग फूंक दीं।
उपद्रवियों को तितर बितर करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। बेकाबू हालात के मद्देनजर चार थाना क्षेत्रों कोतवाली, चौक, लक्सा और दशाश्वमेध में कर्फ्यू लगा दिया गया है। पथराव में कई पुलिसकर्मियों और साधु-संतों को चोटें आई हैं। लाठीचार्ज में कई पत्रकार भी जख्मी हुए। पुलिस ने कई छायाकारों के कैमरे तक तोड़ दिए।
पुलिस और पब्लिक के बीच गुरिल्ला युद्ध सा नजारा दिखा। कभी भीड़ पुलिस को दौड़ाती नजर आई तो कभी पुलिस हजारों की भीड़ को। हजारों की संख्या में लोगों के सड़क पर उतरने से शहर के हालात अचानक बेकाबू हो गए हैं। कमिश्नर, आईजी, डीएम, एसएसपी सहित सभी मौके पर मौजूद हैं। वहीं गोदौलिया चौराहे के दोनों ओर हजारों का हुजूम भी डटा रहा।
जो मिला भीड़ ने उसे वहीं पीटा
शाम चार बजे टाउनहाल से हजारों के हुजूम के साथ संत-महंत काशी विश्वनाथ की रजत पालकी के साथ दशाश्वमेध के लिए निकले। इस बीच अफवाह फैली की गोदौलिया पर पुलिस लाठी चला रही है। इसके बाद लौटती भीड़ ने पुलिस को निशाना बनाया और जो जहां मिला उसे जमकर पीटा।
मिला था खुफिया इनपुट पर गंभीरता से नहीं लिया
22 सितंबर की रात गोदौलिया पर संतों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के बाद से ही शहर सुलग रहा है। खुफिया विभाग ने प्रशासन और गृह मंत्रालय को इनपुट भेजा था। बताया था कि लाठीचार्ज के बाद से शहर की जनता में पुलिस के प्रति जबर्दस्त आक्रोश है।
यदि जल्द ही विसर्जन विवाद का निबटारा नहीं हुआ और लाठीचार्ज के मामले में प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हुई तो हालात बेकाबू हो सकते हैं। बावजूद इसके प्रशासन और पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
भारी संख्या में शामिल हुए राजनीतिक दलों के लोग
अन्याय प्रतिकार यात्रा में बड़ी संख्या में कांग्रेसी भी शामिल हुए। संतों के साथ आज कांग्रेस का दोनों स्थानीय धड़ा औरंगाबाद हाउस और खजुरी हाउस साथ दिखा।
पंडित राजेशपति त्रिपाठी, विधायक अजय राय सैकड़ों समर्थकों के साथ पदयात्रा में शामिल हुए। वहीं पूर्व सांसद डॉ. राजेश मिश्र, मणिशंकर पांडेय सहित शहर भर के कांग्रेसी संतों की पदयात्रा में शामिल हुए। भाजपा विधायक रवींद्र जायसवाल और एमएलसी लक्ष्मण आचार्य भी टाउनहाल की सभा में मौजूद रहे।