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Lucknow News: खतरनाक मांझे की चपेट में आई मासूम, गर्दन पर लगे 10 टांके
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बलरामपुर अस्पताल में घायल बच्ची का इलाज करते चिकित्सक।
- फोटो : संवाद
लखनऊ। खतरनाक मांझे की चपेट में आने से रविवार को चार बत्ती चौराहे के पास छह वर्ष की मासूम लहूलुहान हो गई। मांझे से मासूम की गर्दन पर गहरा जख्म हो गया। गंभीर अवस्था में बच्ची को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने गर्दन पर 10 टांके लगाए। घायल बच्ची दर्द से रोती रही, जिसे परिजनों ने किसी तरह शांत कराया।
कैसरबाग ओडियन सिनेमा के पास रहने वाले खलील अहमद अपनी छह वर्ष की बेटी अबीहा फातिमा के साथ बाइक से घर का सामान लेने के लिए निकले थे। रास्ते में चार बत्ती चौराहे से कैसरबाग बस अड्डा जाने वाली रोड पर अचानक पतंग का मांझा बाइक पर आगे बैठी उनकी बेटी की गर्दन और हाथ में उलझ गया। बेटी की चीख सुनकर उन्होंने बाइक रोककर देखा तो मांझा उनकी बेटी के हाथ और गर्दन में फंसा था। गर्दन और अंगुलियों पर गहरा जख्म होने से वह लहूलुहान हो गई थी। खलील ने मांझे को अलग किया और बेटी को लेकर बलरामपुर अस्पताल पहुंचे। खलील अहमद ने बताया कि बेटी की चीख सुनते ही उन्होंने तत्काल गाड़ी रोक दी, जिससे बड़ा हादसा बच गया।
मांझे ने ली थी एमआर की जान
बीती चार फरवरी की शाम बाजारखाला में हैदरगंज ओवरब्रिज पर खतरनाक मांझे ने बाइक से जा रहे दुबग्गा के सीते विहार निवासी सैयद शोएब (34) की जान ले ली थी। मांझा इतना सख्त था कि उससे शोएब के गले की नस कट गई थी। वह अनियंत्रित होकर बाइक से सड़क पर गिर गए थे। ट्रॉमा सेंटर में शोएब की जान चली गई थी। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री ने कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद अज्ञात के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने अभियान भी चलाया था। हालांकि, कोई ठोस सफलता नहीं मिली थी।
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खतरनाक मांझे से पतंग उड़ाने से रोका तो पुलिस से भिड़े, छह गिरफ्तार
वजीरगंज पुलिस ने रविवार को खतरनाक चाइनीज मांझे से पतंगबाजी कर रहे छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इन लोगों पुलिस टीम से झगड़ा और दुर्व्यवहार करने का भी आरोप है। इंस्पेक्टर राजेश सिंह ने बताया कि लगातार सूचना मिल रही थी कि रीड हाॅल सेंटेनियल इंटर कॉलेज के पास कुछ लोग खतरनाक मांझे से पतंगबाजी करते हैं। पुष्टि के लिए रविवार दोपहर पुलिस की एक टीम कॉलेज के पास पहुंची। मौके पर छह लोग पतंगबाजी करते दिखे। पुलिस ने जब पतंग उड़ाने से रोका और मांझे के बारे में पूछताछ करनी शुरू की तो आरोपी पुलिस से उलझ गए और मारपीट पर आमादा हो गए। इस पर पुलिस ने वजीरगंज निवासी साजिद, हजरतगंज नरही के फहीन, गोलागंज निवासी मो. आमिर, हजरतगंज के रिजवान, नासिर और कैसरबाग में रहने वाले अल्तमस को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से खतरनाक मांझा और पतंगें भी बरामद की गई हैं।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
18 मार्च 2026 : पुरनिया ओवरब्रिज पर बाइक सवार केशव नगर मड़ियांव निवासी राम नयन मांझे की चपेट में आकर घायल हो गए।
14 मार्च 2026 : आशियाना में बाइक सवार प्रशांत श्रीवास्तव मांझे से घायल हो गए।
24 मार्च 2025 : कृष्णानगर इलाके में बाइक सवार अमन के गर्दन पर मांझे से गहरा जख्म हो गया।
03 सितंबर 2025 : सर्व समाज उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष असीम मार्शल का चेहरा कट गया।
22 जून 2022 : कैंट में युवक का हाथ और चेहरा कट गया।
14 नवंबर 2020 : बाराबंकी निवासी लवकुश हुसड़िया फ्लाईओवर के पास घायल हो गए।
18 अगस्त 2019 : राम कुमार की गोसाईंगंज में मांझे से गर्दन पर जख्म हो गया।
12 मई 2018 : गोमतीनगर में विजय लक्ष्मी गुप्ता घायल हो गई थीं।
28 नवंबर 2017 : बाजारखाला में इकराम का मांझे से गर्दन में चोट आई थी।
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कैसरबाग ओडियन सिनेमा के पास रहने वाले खलील अहमद अपनी छह वर्ष की बेटी अबीहा फातिमा के साथ बाइक से घर का सामान लेने के लिए निकले थे। रास्ते में चार बत्ती चौराहे से कैसरबाग बस अड्डा जाने वाली रोड पर अचानक पतंग का मांझा बाइक पर आगे बैठी उनकी बेटी की गर्दन और हाथ में उलझ गया। बेटी की चीख सुनकर उन्होंने बाइक रोककर देखा तो मांझा उनकी बेटी के हाथ और गर्दन में फंसा था। गर्दन और अंगुलियों पर गहरा जख्म होने से वह लहूलुहान हो गई थी। खलील ने मांझे को अलग किया और बेटी को लेकर बलरामपुर अस्पताल पहुंचे। खलील अहमद ने बताया कि बेटी की चीख सुनते ही उन्होंने तत्काल गाड़ी रोक दी, जिससे बड़ा हादसा बच गया।
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मांझे ने ली थी एमआर की जान
बीती चार फरवरी की शाम बाजारखाला में हैदरगंज ओवरब्रिज पर खतरनाक मांझे ने बाइक से जा रहे दुबग्गा के सीते विहार निवासी सैयद शोएब (34) की जान ले ली थी। मांझा इतना सख्त था कि उससे शोएब के गले की नस कट गई थी। वह अनियंत्रित होकर बाइक से सड़क पर गिर गए थे। ट्रॉमा सेंटर में शोएब की जान चली गई थी। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री ने कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद अज्ञात के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने अभियान भी चलाया था। हालांकि, कोई ठोस सफलता नहीं मिली थी।
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खतरनाक मांझे से पतंग उड़ाने से रोका तो पुलिस से भिड़े, छह गिरफ्तार
वजीरगंज पुलिस ने रविवार को खतरनाक चाइनीज मांझे से पतंगबाजी कर रहे छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इन लोगों पुलिस टीम से झगड़ा और दुर्व्यवहार करने का भी आरोप है। इंस्पेक्टर राजेश सिंह ने बताया कि लगातार सूचना मिल रही थी कि रीड हाॅल सेंटेनियल इंटर कॉलेज के पास कुछ लोग खतरनाक मांझे से पतंगबाजी करते हैं। पुष्टि के लिए रविवार दोपहर पुलिस की एक टीम कॉलेज के पास पहुंची। मौके पर छह लोग पतंगबाजी करते दिखे। पुलिस ने जब पतंग उड़ाने से रोका और मांझे के बारे में पूछताछ करनी शुरू की तो आरोपी पुलिस से उलझ गए और मारपीट पर आमादा हो गए। इस पर पुलिस ने वजीरगंज निवासी साजिद, हजरतगंज नरही के फहीन, गोलागंज निवासी मो. आमिर, हजरतगंज के रिजवान, नासिर और कैसरबाग में रहने वाले अल्तमस को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से खतरनाक मांझा और पतंगें भी बरामद की गई हैं।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
18 मार्च 2026 : पुरनिया ओवरब्रिज पर बाइक सवार केशव नगर मड़ियांव निवासी राम नयन मांझे की चपेट में आकर घायल हो गए।
14 मार्च 2026 : आशियाना में बाइक सवार प्रशांत श्रीवास्तव मांझे से घायल हो गए।
24 मार्च 2025 : कृष्णानगर इलाके में बाइक सवार अमन के गर्दन पर मांझे से गहरा जख्म हो गया।
03 सितंबर 2025 : सर्व समाज उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष असीम मार्शल का चेहरा कट गया।
22 जून 2022 : कैंट में युवक का हाथ और चेहरा कट गया।
14 नवंबर 2020 : बाराबंकी निवासी लवकुश हुसड़िया फ्लाईओवर के पास घायल हो गए।
18 अगस्त 2019 : राम कुमार की गोसाईंगंज में मांझे से गर्दन पर जख्म हो गया।
12 मई 2018 : गोमतीनगर में विजय लक्ष्मी गुप्ता घायल हो गई थीं।
28 नवंबर 2017 : बाजारखाला में इकराम का मांझे से गर्दन में चोट आई थी।

बलरामपुर अस्पताल में घायल बच्ची का इलाज करते चिकित्सक। - फोटो : संवाद

बलरामपुर अस्पताल में घायल बच्ची का इलाज करते चिकित्सक। - फोटो : संवाद

बलरामपुर अस्पताल में घायल बच्ची का इलाज करते चिकित्सक। - फोटो : संवाद