रेप के आरोप पर अमिताभ ने तोड़ी अपनी चुप्पी
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सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाले आईजी अमिताभ ठाकुर ने हत्या की आशंका जताई है। खुद पर दर्ज दुराचार के मामले को सिरे से फर्जी बताते हुए उन्होंने कहा, वे जेल जाने को तैयार हैं पर इस मामले में जमानत नहीं कराएंगे।
ठाकुर ने पूरे प्रकरण को राजनीति से प्रेरित बताते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। इसे लेकर वह सोमवार को अदालत में अर्जी देंगे।
सपा प्रमुख के खिलाफ तहरीर देने के फौरन बाद अपने खिलाफ दुराचार का मामला दर्ज होने को बदले की कार्रवाई बताते हुए ठाकुर ने कहा, सोमवार को वह अदालत जाकर पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की मांग करेंगे।
उन्होंने कहा, उनके खिलाफ दुराचार के आरोप फर्जी हैं, फिर भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। वे इसी नाते एंटीसिपेटरी बेल के लिए आवेदन नहीं करेंगे। इस मामले में वह जेल जाने को तैयार हैं। हालांकि दुराचार का मुकदमा दर्ज होने के बाद अभी तक उनसे किसी ने कोई पूछताछ नहीं की और न ही किसी पुलिसकर्मी ने उनसे संपर्क किया है।
सरकारी अधिकारी होने के बाद भी सरकार के ही खिलाफ आवाज उठाने के सवाल पर अमिताभ ठाकुर कहा, वे सरकार के खिलाफ नहीं बल्कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं।
सरकार कर सकती है कठोर कार्रवाई
अगर किसी घटनास्थल पर जाते हैं तो अवकाश लेकर व्यक्तिगत साधन व खर्च पर जाते हैं। ऐसे मामलों में वह सरकार से कार्रवाई की मांग करते आ रहे हैं। उन्होंने पूरे प्रकरण से केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी अवगत करा दिया है। अदालत को भी इसकी सूचना दे दी है।
अमिताभ ने माना कि उनके खिलाफ सरकार कठोर कार्रवाई कर सकती है। उन्हें गिरफ्तार या निलंबित किया जा सकता है, जांच आदि शुरू हो सकती है। लेकिन वह इन हालात से निपटने को तैयार हैं और न्याय के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
दोहरा मापदंड अपना रही सरकार
सिविल डिफेंस में आईजी के पद पर कार्यरत अमिताभ ठाकुर ने सरकार पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। कहा कि एक महिला के फर्जी प्रार्थनापत्र पर पुलिस मनमर्जी से मुकदमा दर्ज कर लेती है।
जबकि वह आईज़ी हैं और साक्ष्यों के साथ प्रार्थनापत्र दे रहे हैं, तब भी उनका मुकदमा दर्ज नहीं किया जा रहा और उस पर जांच करने की औपचारिकता बताई जा रही है।