मुख्य सचिव का नाम तय किए बिना सीएम अखिलेश विदेश रवाना
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सूबे की अफसरशाही के मुखिया के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के समर्थन में की जा रही तगड़ी लामबंदी का नतीजा कहें या कुछ और, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव नए मुख्य सचिव का नाम तय किए बिना ही विदेश रवाना हो गए।
अब मुख्य सचिव आलोक रंजन गुरुवार को कृषि उत्पादन आयुक्त प्रवीर कुमार को प्रभार सौंप कर रिटायर हो जाएंगे।
मुख्य सचिव पद के लिए पर्दे के पीछे से पिछले एक महीने से पांच वरिष्ठ आईएएस अफसरों के समर्थन में तगड़ी लामबंदी चल रही है।
इनमें राजस्व परिषद के चेयरमैन अनिल कुमार गुप्ता, कृषि उत्पादन आयुक्त प्रवीर कुमार, प्रमुख सचिव सिंचाई दीपक सिंघल व प्रमुख सचिव वित्त राहुल भटनागर का नाम शामिल है।
सपा के एक शीर्ष पदाधिकारी से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात अनुज कुमार विश्नोई की पिछले दिनों हुई मुलाकात को अफसरशाही में इसी लामबंदी से जोड़कर देखा जा रहा है।
अभी तक ये है तैयारी
जानकार बताते हैं कि समाजवादी परिवार के कई वरिष्ठ सदस्य इनमें से अलग-अलग अफसरों के पैरोकार हैं। पिछले एक सप्ताह में कई दौर के विचार-विमर्श के बावजूद अफसरशाही की सबसे बड़ी कुर्सी को लेकर किसी एक अफसर के नाम पर आम राय नहीं बन सकी। नतीजा ये हुआ कि मुख्यमंत्री बिना कोई नाम तय किए ही, विदेश रवाना हो गए।
शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्य सचिव आलोक रंजन लखनऊ से बाहर होने पर 1982 बैच के आईएएस अधिकारी कृषि उत्पादन आयुक्त प्रवीर कुमार को ही प्रभार देकर जाते रहे हैं। समझा जाता है कि वह गुरुवार को रिटायर होते समय मुख्य सचिव की जिम्मेदारी कुमार को ही सौंप कर जाएंगे।
उन्होंने इसके लिए शीर्ष स्तर से सहमति भी प्राप्त कर ली है। मुख्य सचिव की नियमित नियुक्ति मुख्यमंत्री के चार जुलाई को विदेश से लौटने के बाद किए जाने की संभावना है।