यूपी विधानमंडल सत्र में 65 वर्ष से ऊपर के विधायक करेंगे वर्चुअल भागीदारी, कल से शुरू होगा सत्र
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20 अगस्त से शुरू हो रहे यूपी के तीन दिवसीय विधानमंडल सत्र में 65 वर्ष के ऊपर के विधायक सदन में वर्चुअल भागीदारी करेंगे। इस बाबत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित से अनुरोध किया था, जिस पर उन्होंने सहमति दे दी। वहीं, ऐसे विधायक जो बीमार हैं वो उनकी वर्चुअल भागीदारी से ही उन्हें उपस्थित मान लिया जाएगा।
इसके पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा विधानमंडल दल के साथ वर्चुअल बैठक की। बैठक को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए उन्होंने पार्टी विधायकों से सदन में कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए हिस्सा लेने का आग्रह किया साथ ही विधायकों से परिस्थितियों का हवाला देते हुए शांति और धैर्य से सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने की अपील की।
उन्होंने 65 वर्ष या इससे अधिक आयु तथा अस्वस्थ विधायकों से सदन में आने के बजाय वर्चुअल हिस्सेदारी करने को कहा। सीएम ने कहा कि ऐसे विधायक लिखकर भेज दें, उनकी उपस्थिति मान ली जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परिस्थितियां काफी प्रतिकूल हैं। संवैधानिक बाध्यता के चलते सदन की बैठक बुलाना आवश्यक हो गया था। आवश्यक न होता तो परिस्थितियां सामान्य होने पर सदन होता। सभी को अपनी बात रखने का मौका मिलता। समस्या को ध्यान में रखते हुए सभी लोग सावधान रहें और सहयोग करें।
कोरोना में भाजपा ने अपने दो विधायक (मंत्री) खोए हैं। पार्टी के लिए यह अपूरणीय क्षति है। ऐसे में भाजपा विधायक पूरी सुरक्षा बरतें। सदन में एक-दूसरे से पर्याप्त दूरी बनाए रखें और एक-एक सीट छोड़कर बैठें। सभी लोग कोविड जांच कराने के बाद ही सदन में आएं और मास्क जरूर लगाएं।
सत्र में छाया रहेगा कानून-व्यवस्था का मुद्दा
विधानमंडल सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था का मुद्दा छाया रहेगा। पिछले एक महीने में आजमगढ़, गोरखपुर, जौनपुर, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, लखीमपुर, कानपुर नगर, कानपुर देहात, बागपत, बुलंदशहर, अलीगढ़, हापुड़, गाजियाबाद व फिरोजाबाद में हुई घटनाओं का मुद्दा सदन में उठना तय है। हाल के दिनों में हुई अपहरण और दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर भी विपक्ष सरकार को घेरने का प्रयास करेगा।
सरकार पर हमलावर रहेगी समाजवादी पार्टी
मानसून सत्र में समाजवादी पार्टी सरकार पर पूरी तरह हमलावर रहेगी। सदन की बैठक शुरू होने से ठीक पहले पार्टी अपनी रणनीति को अंतिम रूप देगी। इसके लिए प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने 20 अगस्त को सुबह 9 बजे विधानभवन स्थित पार्टी विधान मंडल दल कार्यालय में विधायकों की बैठक बुलाई है।
पार्टी के रुख से पता चलता है कि कोरोना के कहर, इलाज में दुश्वारियों, पुलिस मुठभेड़ जैसी घटनाओं को लेकर सरकार को घेरने की पूरी कोशिश होगी। कर्मचारियों की छंटनी, वेतन-भत्तों में कटौती, स्कूलों में जबरन फीस वसूली, किसानों को हो रही खाद की परेशानी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरेगी।
पटेल ने विधायकों से आग्रह किया है कि बैठक में और सदन में कोरोना गाइडलाइन का पालन करें। एक-दूसरे से दो मीटर की शारीरिक दूरी रखें और मास्क का प्रयोग करें।