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Lucknow News: दंत संकाय में ओरल के अन्य विभागों के मरीजों की भी होगी कैंसर जांच
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मुख्य पैथालॉजी का कम होगा कार्यभार
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। केजीएमयू के दंत संकाय में अब ओरल के अन्य विभागों के मरीजों की भी कैंसर जांच हो सकेगी। अभी तक ओरल पैथोलॉजी विभाग में सिर्फ डेंटल के मरीजों की ही जांच होती थी। अब यहां अन्य विभाग के भी ओरल कैंसर से जुड़े सैंपलों की जांच शुरू हो गई है।
केजीएमयू के ओरल पैथोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी की विभागाध्यक्ष डॉ. शालिनी गुप्ता ने बताया कि ओरल कैंसर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसको देखते हुए सभी विभागों के सैंपल जांचने की शुरुआत हुई है। मरीजों को ओल्ड डेंटल बिल्डिंग में सैंपल लेकर आने को कहा गया है। यहां मरीज सैंपल और शुल्क दोनों जमा कर सकते हैं। सात दिन के अंदर बॉयोप्सी की रिपोर्ट मरीजों को उपलब्ध हो रही है। फिलहाल यहां ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल, ईएनटी, आंकोलॉजी समेत अन्य विभागों के सैंपल आ रहे हैं। डॉ शालिनी के अनुसार हम निजी संस्थानों के मरीजों की भी जांच करेंगे। इसके लिए डॉक्टर का रेफ्रेंस लेकर मरीजों को सैंपल लेकर आना होगा। इसका मकसद कैंसर की जल्द पहचान करना है।
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माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। केजीएमयू के दंत संकाय में अब ओरल के अन्य विभागों के मरीजों की भी कैंसर जांच हो सकेगी। अभी तक ओरल पैथोलॉजी विभाग में सिर्फ डेंटल के मरीजों की ही जांच होती थी। अब यहां अन्य विभाग के भी ओरल कैंसर से जुड़े सैंपलों की जांच शुरू हो गई है।
केजीएमयू के ओरल पैथोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी की विभागाध्यक्ष डॉ. शालिनी गुप्ता ने बताया कि ओरल कैंसर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसको देखते हुए सभी विभागों के सैंपल जांचने की शुरुआत हुई है। मरीजों को ओल्ड डेंटल बिल्डिंग में सैंपल लेकर आने को कहा गया है। यहां मरीज सैंपल और शुल्क दोनों जमा कर सकते हैं। सात दिन के अंदर बॉयोप्सी की रिपोर्ट मरीजों को उपलब्ध हो रही है। फिलहाल यहां ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल, ईएनटी, आंकोलॉजी समेत अन्य विभागों के सैंपल आ रहे हैं। डॉ शालिनी के अनुसार हम निजी संस्थानों के मरीजों की भी जांच करेंगे। इसके लिए डॉक्टर का रेफ्रेंस लेकर मरीजों को सैंपल लेकर आना होगा। इसका मकसद कैंसर की जल्द पहचान करना है।
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