शरीयत कानून में तीन तलाक व चार शादियां जायज: पर्सनल लॉ बोर्ड
मुसलमानों का सर्वोच्च धार्मिक संगठन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने एक साथ तीन तलाक को शरई एतबार से जायज करार दिया है।
तलाक, गुजारा भत्ता, चार शादियां आदि मामले में शरीयत कानून के खिलाफ आ रहे अदालती फैसलों को बोर्ड ने पर्सनल लॉ में दखलअंदाजी माना है।
बोर्ड उत्तराखंड की सायरा बानो व एक अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखकर खुद पैरवी करेगा। शनिवार को राजधानी के नदवा कॉलेज में संपन्न हुई कार्यकारिणी की बैठक में बोर्ड ने इसका फैसला किया।
बैठक में देश भर में दीन व संविधान बचाओ तहरीक और जोरदार तरीके से चलाने पर भी सहमति बनी।
शरीयत कानून के खिलाफ फैसले पर जताई नाराजगी
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के चेयरमैन मौलाना सैयद राबे हसनी नदवी की अध्यक्षता में संपन्न हुई कार्यकारिणी बैठक में तीन तलाक, गुजारा भत्ता, चार शादियां और हलाला मामले में शरीयत कानून के खिलाफ अदालती फैसलों पर नाराजगी जताई गई।
बोर्ड ने माना कि ये मुस्लिम शरीयत कानून में सीधी दखलअंदाजी है। सायरा बानों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में तलाक-ए-बिद्दत यानी तीन बार तलाक कह कर रिश्ता तोड़ लेने को इस्लाम की मूल भावना के खिलाफ बताने के मामले में पर्सनल लॉ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखने और मामले की पैरवी करने का फैसला लिया है।
इसके अलावा एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने खुद संज्ञान लेकर बोर्ड से पूछा था कि तीन तलाक सामाजिक न्याय के खिलाफ तो नहीं है। बोर्ड ने इस मामले मे भी सुप्रीम कोर्ट में पार्टी बनने का निर्णय किया है।
पीएम मोदी से कहेंगे, पर्सनल लॉ में दखलंदाजी न करे
बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक जफरयाब जीलानी ने बताया कि बोर्ड जल्द ही केंद्र सरकार से मांग करेगा कि वह भी पहले की सरकारों की तरह पर्सनल लॉ में दखलंदाजी न करे। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी को एक पत्र भी लिखा जाएगा।
इसमें कहा जाएगा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के फैसलों में केंद्र सरकार दखलंदाजी न करने के स्टैंड पर चले। ताकि किसी भी तरह की दुश्वारियों से बचा जा सके।
दीन व संविधान बचाओ तहरीक धर्मनिरपेक्ष लोगों के साथ मिलकर चलाएगा बोर्ड
जफरयाब जीलानी ने पत्रकारों को बताया कि राजस्थान में सूर्य नमस्कार को अनिवार्य किए जाने के खिलाफ शुरू की गई दीन व संविधान बचाओ तहरीक और जोरदार तरीके से चलाने पर भी बैठक में फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि इसके लिए बोर्ड सभी धर्मों के धर्मनिरपेक्ष सोच के लोगों को साथ लेकर चलेगा।
मौलाना वली रहमानी बोर्ड महासचिव नियुक्त
पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक में दो वरिष्ठ पदाधिकारी अब्दुल रहीम कुरैशी और अब्दुल युसुफ शेख को श्रद्घांजलि देने के साथ ही उनके निधन से खाली हुई महासचिव और सचिव पद पर भी नियुक्ति की गई।
बोर्ड के चेयरमैन मौलाना सैयद राबे हसनी नदवी की सहमति से बोर्ड ने कार्यकारिणी ने महासचिव मौलाना वली रहमानी को महासचिव और मौलाना शाह फजलुर्रहीम मुद्दिदी को सचिव नियुक्त किया है।
बैठक में मुख्य रूप से मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली के अलावा उपाध्यक्ष मौलाना सालिम कासमी, मौलाना फखरुददीन, असदउददीन उवैसी, मौलाना जलालुददीन उमरी, मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी, मौलाना वली रहमानी केअलावा डा. अस्मा जहरा, डा. सबीहा नसीम, जफरयाब जीलानी, मौलाना अब्दुल्लाह मुगीसी, मौलाना फजलुर्रहीम मुजददिदी, मौलाना हमजा नदवी, मौलाना यासीन अली उस्मानी और मौलाना अतहर अली के अलावा अन्य पदाधिकारियों ने शिरकत की।