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Lucknow News: घटिया सामग्री से बना था अलाया अपार्टमेंट, धमाके के साथ ढही थी इमारत, आरोपियों पर एफआईआर
Thu, 26 Jan 2023 11:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 26 Jan 2023 11:27 AM IST
सार
अवैध अलाया अपार्टमेंट कमजोर बुनियाद पर खड़ा था। शासन को मिले इनपुट के अनुसार इसके निर्माण में इस्तेमाल सरिया की मोटाई मानक अनुरूप नहीं थी। आरसीसी की क्वालिटी भी बेहद खराब मिली है। 2010 में अपार्टमेंट को ध्वस्त करने के आदेश दे दिए गए थे, हालांकि भ्रष्टाचार के खेल के चलते इस पर अमल नहीं किया गया।
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अलाया अपार्टमेंट
- फोटो : amar ujala
विस्तार
अलाया अपार्टमेंट बनाने में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ था, ताकि कम खर्च मेें मोटी कमाई हो सके। इसके अलावा मंगलवार शाम धमाके के साथ यह अवैध इमारत ढही थी। पुलिस की शुरुआती जांच में ये दो अहम तथ्य सामने आए हैं। एफआईआर में इन्हें स्पष्ट लिखा गया है।
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हजरतगंज थाने के सब इंस्पेक्टर दयाशंकर द्विवेदी की ओर से दर्ज एफआईआर के मुताबिक, मंगलवार शाम 6:45 बजे पुलिस को इमारत गिरने की सूचना मिली। जांच में सामने आया कि जोरदार धमाके के बाद अपार्टमेंट भरभराकर ढह गया। निर्माण कराने वाले नवाजिश, तारिक व फाहद यजदानी पर केस दर्ज किया गया है। एफआईआर के मुताबिक, जानबूझकर घटिया निर्माण कराकर फ्लैट खरीदने वालों के साथ धोखाधड़ी की गई। लोगों के आपत्ति जताने के बावजूद खतरनाक ढंग से पार्किंग में ड्रिल मशीनों से खोदाई की गई।
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एफआईआर में कई अहम तथ्य हैं। पूरी इमारत की बुनियाद कमजोर थी। पिलर मानक के विपरीत थे। कुछ टेढ़े भी हो गए थे। इसके बावजूद गहरी खोदाई की गई, जिससे हादसा हुआ। एफआईआर में लिखा गया कि आरोपियों के कृत्य से जान-माल और संपत्ति का नुकसान हुआ। आसपास के लोगों में भय व्याप्त हुआ। विरोध करने वालों से मारपीट भी की थी। लोग दहशत में हैं, इसलिए मारपीट व सेवन सीएलए की धारा भी लगाई गई।
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कमजोर बुनियाद पर खड़ा था अलाया अपार्टमेंट
अवैध अलाया अपार्टमेंट कमजोर बुनियाद पर खड़ा था। शासन को मिले इनपुट के अनुसार इसके निर्माण में इस्तेमाल सरिया की मोटाई मानक अनुरूप नहीं थी। आरसीसी की क्वालिटी भी बेहद खराब मिली है। इस कारण वर्ष 2010 में अपार्टमेंट को ध्वस्त करने के आदेश दे दिए गए थे, हालांकि भ्रष्टाचार के खेल के चलते इस पर अमल नहीं किया गया। अब यह देखा जाएगा कि इसमें किन अधिकारियों की मिलीभगत रही है। शासन के अधिकारियों का कहना है कि प्रकरण में अगली कोई भी कार्रवाई मंडलायुक्त की कमेटी की प्राथमिक रिपोर्ट के बाद ही हो सकती है।
प्रमुख सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन नितिन रमेश गोकर्ण का कहना है कि मामले में रिपोर्ट मिलने पर समुचित कार्रवाई होगी। कहा कि होटल लेवाना अग्निकांड मामले में भी जितने कार्मिक दोषी मिले, उन सभी को चार्जशीट दी जा चुकी है। विभागीय जांच पूरी होने पर अगला निर्णय होगा।