{"_id":"696bfd06c6f5c856c906ee0c","slug":"aktu-committee-to-be-formed-for-evaluation-of-copies-to-reduce-pages-lucknow-news-c-13-1-lko1028-1564912-2026-01-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"एकेटीयू: पेज कम करने के लिए कॉपियों का मूल्यांकन के लिए बनेगी समिति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एकेटीयू: पेज कम करने के लिए कॉपियों का मूल्यांकन के लिए बनेगी समिति
Sun, 18 Jan 2026 02:50 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 18 Jan 2026 02:50 AM IST
विज्ञापन
लखनऊ। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के सुझाव पर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) ने परीक्षा में इस्तेमाल होने वाली कॉपियों के पेज कम करने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए विश्वविद्यालय एक समिति का गठन करेगा। यह निर्णय विवि की परीक्षा समिति ने लिया है।
पिछले दिनों राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विवि की समीक्षा बैठक में कॉपियों के पेज खराब होने से रोकने का सुझाव दिया था। इसके लिए कॉपियों का पेज कम किया जाए। हाल ही में कुलपति प्रो. जेपी पांडेय की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसके लिए समिति बनाने का निर्णय लिया गया है। इसकी संस्तुति पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा समिति ने पीजी और पीएचडी छात्रों से कॉपियों का मूल्यांकन कराने पर भी सहमति दी है। पहले चरण में यह काम सैंपल के आधार पर किया जाएगा। आगे इसकी संख्या और बढ़ाई जाएगी।
परीक्षा नियंत्रक प्रो. दीपक नगरिया ने बताया कि परीक्षा समिति ने चुनौती मूल्यांकन को और बेहतर किया जाएगा। अगर दो शिक्षकों के मूल्यांकन में 10 फीसदी से ज्यादा का अंतर होगा तो संबंधित शिक्षक पर अर्थदंड भी लगाया जाएगा। चुनौती मूल्यांकन में छात्र के नंबर कम भी किए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले दिनों राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विवि की समीक्षा बैठक में कॉपियों के पेज खराब होने से रोकने का सुझाव दिया था। इसके लिए कॉपियों का पेज कम किया जाए। हाल ही में कुलपति प्रो. जेपी पांडेय की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसके लिए समिति बनाने का निर्णय लिया गया है। इसकी संस्तुति पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा समिति ने पीजी और पीएचडी छात्रों से कॉपियों का मूल्यांकन कराने पर भी सहमति दी है। पहले चरण में यह काम सैंपल के आधार पर किया जाएगा। आगे इसकी संख्या और बढ़ाई जाएगी।
विज्ञापन
परीक्षा नियंत्रक प्रो. दीपक नगरिया ने बताया कि परीक्षा समिति ने चुनौती मूल्यांकन को और बेहतर किया जाएगा। अगर दो शिक्षकों के मूल्यांकन में 10 फीसदी से ज्यादा का अंतर होगा तो संबंधित शिक्षक पर अर्थदंड भी लगाया जाएगा। चुनौती मूल्यांकन में छात्र के नंबर कम भी किए जाएंगे।
विज्ञापन