'दर्द हमें भी होता है लेकिन कुछ चीजें बस में नहीं'
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राजधानी में छात्रा से दरिंदगी की घटना पर दुख जताया। कहा कि ऐसी घटनाओं पर दर्द हमें भी होता है, लेकिन कुछ चीजें बस में नहीं हैं। पुलिस फोन नहीं सुनती, मौके पर समय से नहीं पहुंचती और एफआईआर दर्ज नहीं करती।
सरकार कोई भी हो, इन तीन कारणों से कई बार कानून-व्यवस्था बिगड़ती है। हम ऐसी व्यवस्था करेंगे कि पुलिस फोन सुने, मौके पर पहुंचे और एफआईआर दर्ज करे।
विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि हैदराबाद में रोहित वेमुला की आत्महत्या की घटना राष्ट्रीय मुद्दा बनी। राजधानी में भी एक छात्रा ने आत्महत्या की। पुलिस इसकी सच्चाई को सामने लाई।
गाजियाबाद में स्नैपडील की कर्मचारी के अपहरण की घटना सोशल मीडिया के जरिये पूरी दुनिया में चर्चा में आई। पुलिस ने इसे भी वर्कआउट किया। लखनऊ में छात्रा के साथ जहां घटना हुई, वह खतरनाक जगह है। वहां के पुजारी पर पहले भी हत्या की घटना का खुलासा हुआ था।
कोशिश है कि पुलिस 10-15 मिनट में पहुंचे
मुख्यमंत्री ने कहा, हम डायल 100 के जरिये ऐसी व्यवस्था करने जा रहे हैं कि घटना होने पर पुलिस 10-15 मिनट में मौके पर पहुंचे।
जून में इसकी शुरुआत कर देंगे। पुलिस में पहले भी बहुत सारी भर्तियां की हैं। 30 हजार सिपाही और भर्ती किए जा रहे हैं।
पिछली भर्ती में पश्चिमी यूपी आगे रहा
सीएम ने कहा, सिपाहियों की पिछली भर्ती में आरोप लग रहे थे कि इटावा, मैनपुरी, कन्नौज के ज्यादा लड़के भर्ती हो गए, लेकिन रिजल्ट से हकीकत सामने आ गई।
जिलेवार आंकड़ों से पता लगा कि बागपत समेत पश्चिमी यूपी के कई जिलों में एक-एक गांव में सौ-सौ युवक भर्ती हुए हैं। गाजीपुर के काफी युवा भर्ती हुए हैं।
श्रावस्ती और बांदा से सबसे कम भर्तियां हुई हैं। हमने पता कराया तो पता चला कि इन जिलों से पहली भी कम भर्तियां होती थीं।