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Mukhtar Ansari: अखिलेश बोले- यूपी सरकार अराजकता के दौर में, सर्वोच्च न्यायालय के जज की निगरानी में जांच हो
Fri, 29 Mar 2024 11:19 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 29 Mar 2024 11:19 AM IST
सार
अखिलेश यादव ने मुख्तार अंसारी की मौत मामले में सर्वोच्च न्यायालय के जज की निगरानी में जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि ये यूपी में ‘क़ानून-व्यवस्था का शून्यकाल है।
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अखिलेश यादव व मुख्तार अंसारी।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने माफिया मुख्तार अंसारी की जेल में मौत को लेकर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मामले की सर्वोच्च न्यायालय के जज की निगरानी में जांच किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यूपी इस समय सरकारी अराजकता के सबसे बुरे दौर में है। यह यूपी की कानून-व्यवस्था का शून्यकाल है।
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उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर कहा कि हर हाल में और हर स्थान पर किसी के जीवन की रक्षा करना सरकार का सबसे पहला दायित्व और कर्तव्य होता है। सरकारों पर निम्नलिखित हालातों में से किसी भी हालात में, किसी बंधक या कैदी की मृत्यु होना, न्यायिक प्रक्रिया से लोगों का विश्वास उठा देगा-
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- थाने में बंद रहने के दौरान
- जेल के अंदर आपसी झगड़े में
- जेल के अंदर बीमार होने पर
- न्यायालय ले जाते समय
- अस्पताल ले जाते समय
- अस्पताल में इलाज के दौरान
- झूठी मुठभेड़ दिखाकर
- झूठी आत्महत्या दिखाकर
- किसी दुर्घटना में हताहत दिखाकर
ऐसे सभी संदिग्ध मामलों में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में जांच होनी चाहिए। सरकार न्यायिक प्रक्रिया को दरकिनार कर जिस तरह दूसरे रास्ते अपनाती है वो पूरी तरह गैर कानूनी हैं। जो हुकूमत जिंदगी की हिफाजत न कर पाये उसे सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं। उप्र ‘सरकारी अराजकता’ के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। ये यूपी में ‘क़ानून-व्यवस्था का शून्यकाल है।
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इसके पहले पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने भी मामले में न्यायिक जांच की मांग की थी।