अखिलेश का वादा, अगले बजट में खेलों के लिए यादगार काम
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकताएं बहुत हैं और बजट सीमित है। इसके बावजूद खेलों के ढांचागत विकास और खिलाड़ियों की सुविधाएं बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। अगले बजट में वे खेलों के लिए कुछ ऐसा काम करेंगे जिसे हमेशा याद रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने खेल दिवस पर शनिवार को यहां अपने सरकारी आवास पर 14 पुरुष खिलाड़ियों को लक्ष्मण पुरस्कार और 7 महिला खिलाड़ियों को रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से सम्मानित किया।
प्रत्येक को 50 हजार रुपये नकद, कांस्य प्रतिमा और प्रशस्ति पत्र दिए गए। उन्होंने स्पेशल ओलंपिक एवं विश्व समर गेम्स, यूएसए-2015 के पदक विजेताओं को भी पुरस्कृत किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों ने विषम परिस्थितियों में कड़ी मेहनत करके देश, प्रदेश और अपने परिवार का नाम रोशन किया है। प्रदेश में खेलों में कुछ काम हुआ है लेकिन अभी बहुत कुछ होना बाकी है। सरकार ने सीमित बजट के बावजूद खिलाड़ियों की सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने पर पूरा ध्यान दिया है।
खिलाड़ियों की डाइट राशि बढ़ाई है, तैराकी में विश्वस्तरीय सुविधाएं देने की तैयारी है। खिलाड़ियों के हित में स्टेडियम के लिए करार किए गए हैं। कोचों की संख्या के साथ उनका मानदेय भी बढ़ाया है। फुटबॉल के कोचों की ट्रेनिंग के लिए विदेशी कोच बुलाया जा रहा है। नए स्टेडियम बन रहे हैं। वे चाहते हैं कि हॉस्टल की सुविधाएं और बेहतर हों।
सपा पहलवानों की पार्टी, पर सभी खेलों को दिया सम्मान
अखिलेश ने कहा कि सपा सरकार सबसे ज्यादा लोकतांत्रिक और उदार है। जिसने भी अच्छा सुझाव दिया, सरकर ने उसे माना और जमीन पर उतारा। स्पेशल ओलंपिक के पदक विजेताओं का सम्मानित करने का सुझाव मध्य कमान के जीओसी इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल राजन बख्शी ने दिया था। इसे तत्काल स्वीकार कर लिया।
सरकार आने वाले समय में भी प्रतिभाशाली विशेष बच्चों का सम्मान करती रहेगी। हॉकी खिलाड़ी देवेश चौहान ने अर्जुन अवॉर्डी, द्रोणाचार्य अवॉर्डी और पदम पुरस्कार विजेताओं को पेंशन देने का सुझाव दिया था। उन्होंने इसे माना और इसके लिए बजट में प्रावधान कर दिया।
समाजवादी पार्टी को पहलवानों की पार्टी माना जाता है, लेकिन सरकार ने सभी खेलों की तरफ ध्यान दिया है। नेताजी ने यश भारती पुरस्कार शुरू करके खिलाड़ियों को सम्मानित किया। अब भी बहुत सारे खिलाड़ी सम्मानित होने से रह गए हैं। आने वाले समय में उनका भी सम्मान किया जाएगा।
अपने प्रदेश में सम्मानित होगा गौरव की बात
भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान जगवीर सिंह ने कहा कि अपने प्रदेश में सम्मानित होना खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ी बात होती है। लगता है घर के मुखिया ने सिर पर हाथ रख दिया है। सीएम ने एक खिलाड़ी (आरपी सिंह) को खेल निदेशक बनाया, यह उत्साह को दोगुना करता है।
हर जिले में 10-10 कोंचों की मांग की
खेल राज्यमंत्री रामकरन आर्य और फरीद महफूज किदवई ने कोचों की संख्या और मानदेय बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री की प्रशंसा की। उन्होंने मुख्यमंत्री से 170 कोच और बढ़ाने की मांग की ताकि हर जिले में दस-दस कोच उपलब्ध हो सकें।
खेलों के लिए दिल से काम करते हैं सीएम
मध्य कमान के जीओसी इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल राजन बख्शी ने कहा कि खिलाड़ियों को इतना प्रोत्साहन देने वाला उत्तर प्रदेश, देश का पहला राज्य है। मुख्यमंत्री खेल और खिलाड़ियों के हित में दिखावे के लिए नहीं, दिल से फैसले लेते हैं। स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी और स्पोर्ट्स साइंस के दौर में सुविधाएं और प्रोत्साहन मिलने से खिलाड़ी और बेहतर फरफॉरमेंस दिखाएंगे।
खेल दिवस पर दिया तोहफा
प्रमुख सचिव खेल अनिता जैन भटनागर ने कहा कि 2010-11 से 2013-14 तक के 21 खिलाड़ियों को लक्ष्मण एवं रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार दिए गए हैं। खेल दिवस पर मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रसिद्ध खिलाड़ियों को मिलने वाली राशि दोगुनी करने का तोहफा दिया है। अर्जुन, द्रोणाचार्य और पदम अवॉर्डी खिलाड़ियों को मासिक पेंशन देने का फैसला लिया है। अंत में खेल सचिव भुवनेश कुमार ने आभार जताया।
इन्हें मिले लक्ष्मण अवॉर्ड
देवेश कुमार (जिम्नास्टिक 2010-11), हिमांशु तिवारी (स्वीमिंग 2010-11), रवींद्र पाल सिंह (हॉकी- वेटरन वर्ग 2010-11), चंद्रोदय नारायण (एथलेटिक्स 2011-12), रामाश्रय यादव (कुश्ती-वेटरन वर्ग 2011-12), रविकांत मिश्रा (टेनिस बॉल क्रिकेट 2012-13), रामआसरे यादव (जूडो 2012-13), अनिरुद्ध सिंह (शूटिंग 2012-13), एमपी सिंह (हॉकी, वेटरन वर्ग 2012-13), पन्ने लाल (कुश्ती, वेटरन वर्ग 2012-13), अतुलश्री पटेल (सॉफ्ट टेनिस 2013-14), तुषार खांडेकर (हॉकी 2013-14), अजीत कुमार सिंह (शूटिंग 2013-14), शकील अहमद (हॉकी, वेटरन वर्ग 2013-14)।
...और इन्हें रानी लक्ष्मीबाई अवॉर्ड
सुधा सिंह (एथलेटिक्स 2010-11), रजिया जैदी (हॉकी- वेटरन वर्ग 2010-11), श्रद्धा दीक्षित (ताइक्वांडो 2011-12), रंजना गुप्ता (शूटिंग 2012-13), स्थवी अस्थाना (घुड़सवारी 2012-13), इंदु गुप्ता (हैंडबॉल 2013-14), मेघा सारस्वत (सॉफ्ट टेनिस 2013-14)।
स्पेशल बच्चे
प्रभरूप सिंह (रोलर स्केटिंग), पल्लव महरोत्रा (सॉफ्टबॉल), सोमांश शुक्ला (एथलेटिक्स), सतेंद्र कुमार (हैंडबॉल), अभियांश (साइकिलिंग)।