गैंगरेप: अब पुलिसिया कहानी का होगा 'पोस्टमार्टम'
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मोहनलालगंज में दरिंदगी की शिकार महिला की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दिखाई गई दो किडनी का रहस्य आखिर क्या है इसका पता लगाने के लिए महानिदेशक चिकित्सा एवं महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा जांच करेंगे।
चारों तरफ से उठ रहे सवालों के बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच के आदेश दिए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों किडनी होने की बात लिखी हुई है जबकि महिला अपने पति को पहले ही एक किडनी दान दे चुकी है।
मुख्यमंत्री मंगलवार को महिला उत्पीड़न व दुष्कर्म से संबंधित मामलों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने आदेश दिया कि किडनी से संबंधित भ्रम की स्थिति को साफ करने के लिए दोनों महानिदेशक पूरे मामले की जांच करें।
कमजोर पड़ी अफसरों की दलील
दोनो डीजी पोस्टमार्टम के दौरान हुई वीडियोग्राफी और पीजीआई के रिकॉर्ड से सही स्थिति का पता लगाएंगे।
पुलिस अफसर अब तक अपनी थ्योरी को सही साबित करने के लिए दलील देते रहे थे एक किडनी न होने के चलते महिला शारीरिक रूप से कमजोर थी इसलिए रामसेवक ने उसे काबू कर लिया।
पुलिस की दलीलों पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। सभी ओर उठ रहे सवालों के बाद मंगलवार हुई प्रेस कांफ्रेंस में डीआईजी नवनीत सिकेरा इस बात का कोई सीधा जवाब देने के बजाय कहा कि किडनी ट्रांसप्लांट की वीडियो रिकार्डिंग मंगाकर जांच करवाएंगे।
किडनी रैकेट से तो नहीं जुड़े हैं तार
मृतका की दोनों किडनी सुरक्षित मिलने के बाद पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि, कहीं पीजीआई किडनी रैकेट से तो इसके तार जुड़े नहीं हैं।
अब पुलिस किडनी रैकेट में जेल गए पीजीआई के चपरासी हरिशंकर मौर्या से कनेक्शन खंगाल रही है। पीजीआई किडनी रैकेट गैंग सौ से अधिक गरीब-मजबूर लोगों की किडनी तस्करी कर निकलवा चुका है।
परिवारीजन ने उठाए सवाल
महिला के देवर ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाई की हालत बिगड़ने पर वर्ष 2011 में भाभी ने अपनी बाईं किडनी डोनेट की थी तो दोनों किडनी कैसे नार्मल मिलीं।
भाभी की सिजेरियन डिलीवरी हुई थी उसके मार्क्स का भी जिक्र रिपोर्ट में नहीं है। यही नहीं रिपोर्ट में मूत्रवाहिनी को भी नार्मल बताया गया है।