'छह महीने दो, यूपी को बदल कर रख दूंगा'
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लगता है अखिलेश को यकीन हो गया है कि प्रदेश में विकास न होने के कारण ही उनका बोरिया बिस्तर आम चुनाव में बंध गया, तभी उन्होंने ऐसा बयान दिया।
कानपुर में एक कार्यक्रम के दौरान अखिलेश ने जनता से कहा कि आप मुझे सिर्फ छह महीने का वक्त दे दीजिए, मैं उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदल दूंगा।
ऐसे में सवाल ये भी उठता है कि प्रदेश में 2012 में सपा की सरकार पूर्ण बहुमत के साथ बनी थी तो फिर अब तक उन्होंने क्या किया?
आम चुनाव में सपा के सिर्फ पांच सीटों पर सिमटने के बाद अब सपा के सामने विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन का भारी दबाव है। इसलिए शायद वह जनता का भरोसा जीतना चाह रहे हैं।
दबाव का कारण 'मोदी इफेक्ट' भी
उल्लेखनीय है कि आम चुनाव के प्रचार के दौरान नरेंद्र मोदी ने प्रदेश की सपा सरकार को सूबे की बुनियादी समस्याओं पर जमकर घेरा था।
जिसमें बिजली, पानी और किसानों की समस्या प्रमुख थीं। हालांकि अखिलेश और मुलायम ने भी मोदी पर करारे प्रहार किए लेकिन मोदी के विकास मंत्र के सामने उनकी एक भी न चली।
अब जब प्रदेश में पार्टी चारों ओर से घिर रही है तो अखिलेश को विकास की याद आ रही है।
प्रदेश में कानून व्यवस्था भी एक बड़ा मुद्दा है, जिसे लेकर प्रशासन बैकफुट पर ही नजर आया।
मायावती ने भी किया वार
बसपा सुप्रीमो मायावती ने अखिलेश सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा है कि यूपी में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है।
उन्होंने बदाऊं रेप केस पर यूपी सरकार को घेरते हुए कहा कि यूपी में अब भी जंगलराज कायम है। इसके लिए उन्होंने कहा कि यहां राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया जाना चाहिए।
मायावती ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार की सोच संकीर्ण है। उन्होंने कहा कि बदाऊं में बलात्कार का मामला दुखद है और यूपी में हत्या और बलात्कार चरम पर है।
जिससे सपा सरकार हर ओर से घिरती नजर आ रही है, लिहाजा अखिलेश विकास की बात कर स्थितियां संभालते नजर आ रहे हैं।