'मोदी एजेंडा' अपनाकर जनता का दिल जीतेंगे अखिलेश
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जिस मुद्दे को अपनाकर वाराणसी से मोदी ने भारी भरकम जीत दर्ज की थी अब यूपी की अखिलेश सरकार भी उसी पर फोकस कर जनता के बीच अपनी जगह बनाना चाहती है।
जी हां, प्रदेश सरकार ने आश्वस्त किया है कि वाराणसी में शोधन के बाद ही नालों का पानी गंगा में डाला जाएगा। सरकार वरुणा को भी पुनर्जीवित करेगी और इसका सतत प्रवाह सुनिश्चित करेगी।
वाराणसी में गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के भाजपा के श्यामदेव राय चौधरी के संकल्प प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री अंबिका चौधरी ने कहा कि गंगा में अवशिष्ट डालने के मुद्दे पर सरकार गंभीर है।
वाराणसी के पौराणिक महत्व को देखते हुए मुख्यमंत्री ने वरुणा नदी को पुनर्जीवित करने का फैसला किया है। इसके आदेश भी दे दिए हैं। इस समय वरुणा की स्थिति नाले की बन गई है।
आजम बोले गंगा पर विशेष ध्यान
वरुणा नदी पर कब्जे हो गए हैं। वरुणा को चौड़ा करने और उसका सतत प्रवाह बनाए रखा जाएगा। गंगा में नालों का पानी जाने से तो रोका नहीं जा सकेगा लेकिन पानी शोधन के बाद ही डाला जाएगा।
गंगा में अवशिष्ट डालने को गंभीरता से लिया जाएगा। संसदीय कार्यमंत्री आजम खां ने कहा कि प्रदेश सरकार ने वाराणसी के महत्व को देखते हुए उसके विकास पर खास ध्यान दिया है।
सीवर सिस्टम दुरुस्त किया गया है, पाइप लाइन बदली गईं हैं। गंगा के प्रदूषण को लेकर सरकार गंभीर है। इससे पहले श्यामदेव राय चौधरी ने कहा कि वर्ष 2012 की वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक 20 राज्यों के 190 शहरों में 42 नदियों की सफाई पर 4032 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
गंगा सफाई केंद्र का भी मकसद
पर्यावरण मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक काशी में गंगा का प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। 84 घाटों में 20-25 घाटों के उस पार बालू का एकत्रीकरण हो रहा है। जिससे पानी का दवाब घाटों की तरफ बढ़ रहा है।
इससे घाटों ही नहीं आसपास की इमारतों को खतरा पैदा हो रहा है। गंगा जल की गुणवत्ता गिर रही है। उन्होंने कहा कि नदियों की सफाई का पुराना मॉडल बदला जाए। यह केंद्र सरकार का भी संकल्प है। काशी में दर्जनों नालों का पानी गंगा में डाला जा रहा है।
पहले से ही पेपर, पल्प और टैनरियों के पानी से प्रदूषित पानी से प्रदूषित गंगा के जल का रंग बदल रहा है, जल का प्रवाह घट रहा है। भाजपा के सतीश महाना ने कहा कि गंगा केवल आस्था से नहीं, भारतीयों के अस्तित्व से भी जुड़ी है। कानपुर में टैनरियों का प्रदूषित जल गंगा में जा रहा है।