अखिलेश की नई योजना ‘मेरा प्रदेश-मेरा गांव’
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राज्य सरकार ने पिछले कुछ दिनों में सूबे के प्रवासियों से जो रिश्ता बढ़ाया है, उसके नतीजे आगरा में नजर आएंगे। इसके साथ ही सरकार ने ‘मेरा प्रदेश-मेरा गांव’ नाम से नई पहल का भी फैसला किया है। इसके जरिये प्रवासी अपनी जड़ों से जुड़ पाएंगे। अपने पूर्वजों व परिवारीजनों के सम्मान में बहुत कुछ कर पाएंगे।
सरकार उन्हें कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। ये जानकारी मुख्य सचिव आलोक रंजन ने गुजरात के गांधीनगर में आयोजित प्रवासी भारतीय दिवस समारोह से लौटने के बाद ‘अमर उजाला’ को दी।
रंजन ने बताया कि ‘मेरा प्रदेश-मेरा गांव’ के तहत सूबे के प्रवासी अपने मूल गांव और क्षेत्र फिर जहां चाहें स्कूल, अस्पताल, कम्यूनिटी सेंटर आदि का निर्माण कर पाएंगे। वे इनका नाम अपने पूर्वजों के नाम कर सकेंगे। इसके लिए सरकार उन्हें सिंगल विंडो के जरिये क्लीयरेंस देगी।
मुख्य सचिव ने बताया कि बड़ी संख्या में एनआरआई प्रदेश में पूंजी निवेश को उत्सुक हैं। इसके लिए ग्लोबल आर्गेनाइजेशन ऑफ पीपुल ऑफ इंडियन ओरिजिन (गोपियो) के साथ आगरा में एमओयू होगा।
गांधीनगर में संस्था के अध्यक्ष व मंत्री से इस संबंध में बातचीत हो गई है। आगरा में ही कई प्रवासियों से विभिन्न कार्यों के लिए एमओयू भी होगा। सूबे का पहला यूपी-एनआरआई दिवस इस साल 28 फरवरी व एक मार्च को आगरा में होगा।
...इसलिए गांधीनगर नहीं जा पाए मुख्यमंत्री अखिलेश
रंजन ने बताया कि सरकार एनआरआई डायरेक्ट्री बनाएगी। इसमें सूबे के प्रवासियों का विस्तृत ब्यौरा होगा। इतना ही नहीं उन्हें हर साल 4 व 5 जनवरी को होने वाले एनआरआई दिवस समारोह में आमंत्रित किया जाएगा।
वहीं एक सवाल के जवाब में रंजन ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कोहरे की वजह से गांधीनगर नहीं जा पाए। इसका कोई अन्य मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए।
यूपीएफसी की भूमिका बदलेगी
यूपी वित्त निगम अब नई भूमिका में नजर आएगा। यह प्रवासियों के लिए नोडल एजेंसी के रूप में भी काम करेगा। मुख्य सचिव ने बताया कि यूपीएफसी एनआरआई द्वारा प्रस्तावित योजनाओं के प्रोजेक्ट बनाने, तकनीकी मूल्यांकन व अन्य सभी तरह के जरूरी सहयोग की भूमिका निभाएगा।
प्रवासियों के लिए हो रहे ये कार्य
- विकास प्राधिकरण की आवासीय योजनाओं में दो प्रतिशत आरक्षण देंगे
- लखनऊ में एक एनआरआई थाने की स्थापना।
- हर एनआरआई को मिलेगा यूपी-एनआरआई कार्ड।
पार्टनर स्टेट बनेगा यूपी
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मुख्य सचिव आलोक रंजन 17 जनवरी को दिल्ली में आयोजित इन्वेस्टर मीट में शामिल होंगे। मुख्य सचिव ने बताया कि यूपी इसमें पार्टनर स्टेट के रूप में शामिल हो रहा है।
इसमें देश के प्रमुख औद्योगिक घरानों के निवेशक शामिल हो रहे हैं। इसमें फूड प्रोसेसिंग, आईटी व इलेक्ट्रानिक्स सेक्टर सहित प्रदेश में निवेश से जुड़े विभिन्न अवसरों की जानकारी दी जाएगी। सामूहिक प्रजेंटेशन के बाद मुख्यमंत्री उद्योगपतियों से भी रूबरू होंगे।
प्रवासी भारतीय दिवस-206 की मेजबानी का प्रस्ताव
प्रदेश सरकार ने 2016 के प्रवासी भारतीय दिवस समारोह की मेजबानी करने का प्रस्ताव किया है। प्रमुख सचिव एनआरआई एवं अवस्थापना व औद्योगिक विकास संजीव सरन ने बताया कि आगरा में इसके आयोजन का प्रस्ताव किया गया है।
वहां इसके लिए सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। लिहाजा मेजबानी मिलने की पूरी उम्मीद है। उन्होंने बताया कि अगले साल से यूपी-एनआरआई दिवस रोटेशन के आधार पर लखनऊ, वाराणसी, कानपुर जैसे शहरों में आयोजित किया जाएगा।