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गिरधारी के पास सारे राज फिर भी दिल्ली नहीं जा रही पुलिस

Fri, 15 Jan 2021 01:32 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 15 Jan 2021 01:32 AM IST
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ajeet singh murder case
लखनऊ। विभूतिखंड में कठौता चौराहा पर मऊ के मोहम्मदाबाद गोहना निवासी अजीत सिंह की हत्या के आरोपी एक लाख रुपये के इनामी कन्हैया विश्वकर्मा उर्फ गिरधारी उर्फ डॉक्टर की दिल्ली में गिरफ्तारी के तीन दिन बाद भी लखनऊ पुलिस आखिर क्यों उसकी रिमांड लेने का प्रयास नहीं कर रही? यह सवाल सबको परेशान कर रहा है। गिरधारी के पास न सिर्फ पूर्वांचल में अंडरवर्ल्ड के सारे समीकरण हैं बल्कि वह कई बड़े सफेदपोश और राजनेताओं की पोल भी खोल सकता है। इसके बावजूद लखनऊ पुलिस उससे पूछताछ करने के लिए कदम आगे नहीं बढ़ा रही है। उधर, वाराणसी पुलिस की एक टीम वहां दर्ज मुकदमों में उसका बी वारंट लेकर दिल्ली पहुंच गई है।
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पुलिस अधिकारियों का मानना है कि अजीत हत्याकांड की साजिश किसने रची? शूटर कौन थे? पूर्व सांसद की क्या भूमिका है? ऐसे तमाम सवालों के जवाब गिरधारी ही दे सकता है। इसके अलावा पूर्वांचल में माफियाराज की कुंडली भी उसी के पास है। गिरधारी के पास तमाम ऐसे राज हैं जिनके सामने आने पर खलबली मच जाएगी। कई बड़ों पर कानून का शिकंजा कस जाएगा। पर्दे के पीछे छिपे कुछ नेताओं की माफिया से दोस्ती की पोल भी खुलेगी। यही वजह है कि कठौता चौराहे पर छह जनवरी की रात अजीत सिंह की हत्या की वारदात में बाहुबली पूर्व सांसद उसे बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए हैं।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरधारी की दिल्ली में नाटकीय तरीके से गिरफ्तारी कराने और लखनऊ के मुकदमे में उसे लाने में देरी के पीछे भी यही वजह है। लखनऊ पुलिस पर किसी का दबाव है या फिर यहां के अधिकारियों के पास कोई और योजना है? इस पर भी कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। इस बीच, वाराणसी पुलिस ने खुद को लखनऊ पुलिस से एक कदम आगे साबित करते हुए गिरधारी को दिल्ली से लाने की कवायद शुरू कर दी है। लखनऊ पुलिस भले खामोश बैठी हो पर वाराणसी में गिरधारी के खिलाफ दर्ज हत्या के एक पुराने मामले में वहां की पुलिस उसे बी वारंट पर लाने के लिए दिल्ली पहुंच गई है।
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होमवर्क के बाद ही बी वारंट
जल्दबाजी का लाभ हमेशा अपराधियों को मिलता है। अजीत हत्याकांड में जमीनी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। अच्छी तरह से होमवर्क के बाद ही गिरधारी का बी वारंट लिया जाएगा। चूंकि, गिरधारी से कई सवाल-जवाब करने हैं, इसलिए पुलिस कोई चूक नहीं करना चाहती। - डीके ठाकुर, पुलिस आयुक्त
पूर्व सांसद पर कार्रवाई के लिए शासन के पाले में गेंद
अजीत हत्याकांड में घायल शूटर की मदद करने में बाहुबली पूर्व सांसद का नाम अब खुलकर सामने आ गया है। हालांकि, पुलिस ने अभी लिखा-पढ़ी में पूर्व सांसद को शामिल नहीं किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घायल शूटर का लखनऊ और सुल्तानपुर में उपचार कराने वाले कृष्णानगर के मानसनगर निवासी विपुल कुमार सिंह पूर्व सांसद का करीबी है। उसने पूर्व सांसद के कहने पर ही शूटर का उपचार कराया था। विपुल के मोबाइल की पड़ताल से इसकी पुष्टि होने के बाद लखनऊ पुलिस ने पूर्व सांसद पर फरार अपराधी को शरण देने के आरोप में कार्रवाई की रूपरेखा तैयार कर ली है। हालांकि, पुलिस की इस कार्रवाई पर अंतिम निर्णय शासन को लेना है। एक अधिकारी ने बताया कि पूर्व सांसद पर कार्रवाई का मामला शासन के पाले में है। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद ही आगे कदम बढ़ाया जाएगा।
मोहर सिंह ने खुद गोली मारी या शूटर का निशाना बना, होगी जांच
अजीत सिंह पर गोलीबारी के दौरान घायल हुआ उसका साथी मोहर सिंह हत्यारों से मिला था या नहीं, पुलिस इसका कोई प्रमाण नहीं जुटा सकी है। पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर ने बताया कि मोहर सिंह के पैर पर लगी गोली के जख्म की डॉक्टरों से जांच कराई जा रही है। अगर उसने खुद को गोली मारी होगी तो मेडिकल रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हो जाएगी। मालूम हो कि शूटरों ने अजीत को सिर से पैर तक 25 गोलियां मारी थीं जबकि उसके साथी मोहर सिंह को सिर्फ पैर में एक गोली लगी थी जिससे उसकी भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
गोलीबारी में घायल शूटर के जीवित होने पर सवाल
अजीत पर हमले के दौरान एक गोली शूटर को भी लगी थी जिसका पहले लखनऊ और फिर सुल्तानपुर के एक निजी अस्पताल में उपचार कराया गया था। पुलिस के अस्पताल पहुंचने से पहले ही शूटर को वहां से हटा दिया गया। गोली शूटर के पेट के आर-पार हो गई थी। शूटर जीवित है या नहीं? इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कुछ लोग शूटर के मरने की चर्चा भी कर रहे हैं।

मुंबई में नहीं मिले शूटर, कहीं और भागने की आशंका
तीन शूटरों की तलाश में पांच दिन से मुंबई में पड़ी पुलिस टीम को निराशा हाथ लगी है। पुलिस अभी तक किसी शूटर का पता नहीं लगा सकी है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पुलिस टीम को चकमा देकर शूटर कहीं और भाग गए हैं।
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