राज्यपाल का नुस्खा: ...तो किसान होंगे मालामाल
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राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि कृषि के विकास से ही उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदलेगी। यूपी के विकास का देश के विकास पर सबसे अधिक असर पड़ता है। इसलिए यहां कृषि क्षेत्र पर विशेष ध्यान की देने की जरूरत है। यदि कृषि विकास दर में 2 से 3 प्रतिशत का इजाफा हो जाए तो किसान मालामाल हो जाएंगे।
राजभवन में आयोजित दो दिवसीय फल, शाक-भाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी-2016 का समापन करते हुए राज्यपाल ने रविवार को यह बात कही। फूल, सब्जी और फल की खेती पर विशेष जोर देते हुए राज्यपाल ने कहा कि इससे किसानों की माली स्थिति सुधरेगी और देश का विकास भी होगा।
उन्होंने खेती की नई विधाओं और तकनीक के बारे में भी किसानों को जागरूक करने की जरूरत जताई। नाईक ने कहा, यूपी में महाराष्ट्र से अधिक पानी है और मिट्टी भी अधिक उपजाऊ है।
इसके बावजूद महाराष्ट्र में चीनी की रिकवरी दर 13 प्रतिशत से अधिक है, जबकि यूपी में यह 10 प्रतिशत से भी कम है।
इन फसलों के उत्पादन में यूपी है आगे
मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा कि प्रदेश में बागवानी और औद्यानिकी को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनका फायदा किसानों को मिल रहा है। प्रदेश में केले और मेंथा की खेती का विस्तार हो रहा है।
बुंदेलखंड की जलवायु के मुताबिक वहां बागवानी को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं शुरू की गई हैं। कृषि उत्पादन आयुक्त प्रवीर कुमार ने कहा कि बागवानी व औद्यानिकी के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश अन्य प्रदेशों से बहुत आगे है।
इसलिए यहां खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करना होगा।
किसानों और उद्यमियों को मिलकर प्रदेश में एग्री व हार्टिकल्चर आधारित उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देना होगा। प्रमुख सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण निवेदिता शुक्ला वर्मा ने कहा कि प्रदर्शनी में करीब 625 श्रेणी की पुष्प प्रजातियां शामिल हुईं।