लखनऊ। जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में हंगामे के बाद मंगलवार को जिला पंचायत अध्यक्ष आरती रावत ने सीएम योगी को चिट्ठी भेजकर 2024-25 से अब तक के रुके विकास कार्यों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। डीएम के जरिये सीएम को भेजे गए ज्ञापन में आठ दिनों के अंदर कोई ठोस प्रभावी निर्णय न लेने पर सामूहिक रूप से आंदोलन, धरना प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है।
पत्र में कहा है कि जनता हमसे विकास कार्यों की अपेक्षा करती है, लेकिन जो विकास कार्य चल रहे थे, उनका भुगतान नहीं हुआ है। अपूर्ण विकास कार्य जनता के लिए मुसीबत की वजह बने हुए हैं। 2024-25 की स्वीकृत योजनाओं की निविदाएं आज तक आमंत्रित नहीं की गई हैं। इसलिए बिना देरी निविदाएं आमंत्रित की जाएं। 29 दिसंबर को बुलाई गई बोर्ड बैठक में अपर मुख्य अधिकारी प्रणव पांडेय अनुपस्थित रहे। जान बूझकर चिकित्सकीय अवकाश पर चले जाने का आरोप लगाया और कार्रवाई की मांग की। सीएम योगी से मांग की कि सभी अधूरी योजनाओं को शीघ्र पूरा कराने के लिए लंबित भुगतान का निस्तारण हो। वित्तीय वर्ष 2025-26 की संचित धनराशि की कार्ययोजना को तत्काल जिला पंचायत की बैठक में प्रस्तुत कर पारित किया जाए।