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Lucknow News: लोक निर्माण विभाग का टेंडर सामने आने के बाद नगर निगम ने निरस्त किया अपना टेंडर

Mon, 19 Jan 2026 02:30 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 19 Jan 2026 02:30 AM IST
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After the Public Works Department's tender came to light, the Municipal Corporation cancelled its tender.
इसी सड़क का होना है निर्माण।
लखनऊ। इस्माइलगंज द्वितीय वार्ड में एक सड़क को बनाने का दो विभागों से अलग-अलग टेंडर जारी होने का मामला सामने आने के बाद नगर निगम ने अपना टेंडर निरस्त कर दिया है। हालांकि, सड़क के स्वामित्व को लेकर विवाद बढ़ गया है। नगर निगम और लोक निर्माण विभाग दोनों ही सड़क को अपना बता रहे हैं।
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नवंबर में लोक निर्माण विभाग ने किशोरी लाल चौराहा से चौहान प्लाजा, डीके मैरिज लाॅन होते हुए हनुमान तिराहे से चिनहट मार्ग तक सड़क निर्माण के लिए 32.90 लाख रुपये का टेंडर निकाला। इसके अलावा फैजाबाद मार्ग से रजत डिग्री काॅलेज मार्ग के लिए 33.15 लाख रुपये का टेंडर निकाला। इसी बीच 16 जनवरी को नगर निगम ने अयोध्या मुख्य मार्ग से रजत काॅलेज तक और डीके मैरिज लॉन से अजय नगर होते हुए हनुमान मार्केट तक 8.41 लाख रुपये का टेंडर निकाल दिया। यानि जिस सड़क को पूरी तरह बनाने के लिए लोक निर्माण ने करीब 66 लाख रुपये के दो टेंडर निकाले, उसी सड़क के केवल पैचवर्क के लिए नगर निगम ने टेंडर निकाला।
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ऐसे में साफ है कि यह घपलेबाजी के लिए किया गया था। जब सड़क पूरी बन जाती तो फिर पैचवर्क की जरूरत ही नहीं रह जाती। जानकारों ने बताया कि इसी तरह की धांधली पहले भी कई बार की जा चुकी है। यदि गोपनीय शिकायत पर मामला न खुलता तो एक ही सड़क के लिए दो विभाग खर्च दिखा देते।
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विभाग ने नहीं ली एनओसी : नगर निगम

नगर निगम के मुख्य अभियंता महेश वर्मा का कहना है कि यह गड़बड़ी लोक निर्माण विभाग के एनओसी न लेने के कारण हुई। सड़क नगर निगम के क्षेत्र की है, ऐसे में नियमों के तहत लोक निर्माण विभाग को टेंडर जारी करने से पहले नगर निगम से एनओसी लेनी चाहिए थी, जो उसने नहीं ली। यदि शासन स्तर से हैंडओवर लोक निर्माण विभाग को दिया गया है तो उसकी जानकारी विभाग को देनी चाहिए।


रोड हमारी, हम बनाएंगे : लोक निर्माण विभाग

वहीं, लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता सत्येंद्र नाथ राय कहा कि सड़क उनकी है। इसके रिकाॅर्ड भी उनके पास है। ऐसे में नगर निगम से एनओसी लेने का कोई मतलब नहीं है। यदि कोई भ्रम है तो नगर निगम को जानकारी भेज दी जाएगी। एक सप्ताह के अंदर सड़क का निर्माण शुरू हो जाएगा।
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