इन 10 हजार मकानों में मिल सकता है आपको मकान
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आवास विकास परिषद की बोर्ड मीटिंग 26 मार्च को होगी। इसमें 10 हजार समाजवादी आवासों के प्रस्ताव को हरी झंडी दी जाएगी।
इसके साथ ही इन फ्लैटों का पंजीकरण खुलने का रास्ता साफ हो जाएगा। इन आवासों का पंजीकरण जून में हो सकता है।
बोर्ड मीटिंग में मेट्रो रेल परियोजना के लिए 200 करोड़ रुपये भी पास किए जाएंगे। इसके अलावा इंदिरानगर योजना में मुंशी पुलिया चौराहे के पास स्थित खसरा संख्या 77 के लैंडयूज में बदलाव के लिए फीस भी तय की जाएगी।
परिषद राजधानी में अपनी चार योजनाओं- अवध विहार सेक्टर 7 बी व 8 और आम्रपाली व वृंदावन स्कीम में 10 हजार फ्लैटों का निर्माण करेगी।
800 वर्ग फीट के फ्लैटों की कीमत करीब 30 लाख रुपये होगी। समाजवादी आवासीय योजनाओं के फ्लैटों के मूल्यों में वृद्धि नहीं की जाएगी।
फिलहाल प्रस्तावित दाम में ही आवंटियों को फ्लैट मिल सकेंगे। इसके लिए परिषद इन योजनाओं के लिए आवंटित प्लाटों के दामों को आधा करने जा रही है। ताकि बजट में इन ग्रुप हाउसिंग स्कीम पर लागत कम हो।
वृंदावन योजना में 2608 फ्लैट्स हैं। आम्रपाली योजना में 1554 फ्लैट्स हैं। अवध विहार सेक्टर 7 बी में 3260 फ्लैट्स हैं। अवध विहार सेक्टर 8 में 2540 फ्लैट्स हैं।
मेट्रो के लिए संजीवनी बनेंगी ये राशि
वित्तीय वर्ष 2014-15 में केंद्र सरकार से लखनऊ मेट्रो को कोई धन नहीं मिला है। ऐसे में अगले वित्तीय वर्ष शुरू होने से पहले ही आवास विकास परिषद से 200 करोड़ रुपये मिलने की घोषणा लखनऊ मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एलएमआरसी) के लिए संजीवनी साबित होगी।
एलएमआरसी इस राशि से कई बड़े काम निपटाएगा। इस वर्ष परियोजना में करीब आधा दर्जन टेंडर होंगे, जिसके लिए धन की जरूरत होगी।
एलएमआरसी ने राज्य सरकार से करीब 1000 करोड़ रुपये की डिमांड की थी। इसके बाद राज्य सरकार के बजट में मेट्रो परियोजना के लिए 450 करोड़ रुपये दिए गए। दूसरी ओर केंद्र ने वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए 173 करोड़ रुपये दिए हैं।