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Lucknow News: जब होने चाहिए मिड टर्म एग्जाम, तब हो रहे प्रवेश
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लखनऊ। राजधानी के कई डिग्री काॅलेजों में पढ़ाई की स्थिति अलग अंदाज में ही चल रही है। कहीं पर मिड टर्म की परीक्षाएं हो चुकी हैं तो कई जगह अभी तक दाखिले ही हो रहे हैं। इसके चलते बिना किसी ठोस कारण के ही सत्र में देरी का खतरा मंडरा रहा है।
राजधानी के एकमात्र स्वायत्त महाविद्यालय नेशनल पीजी कॉलेज में बीते सप्ताह मिड टर्म की परीक्षाएं संपन्न हो गईं। वहीं दूसरी ओर लखनऊ विश्वविद्यालय से जुड़े ज्यादातर कॉलेजों में अब भी दाखिले चल रहे हैं। लविवि ही नहीं ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय और डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में किसी न किसी पाठ्यक्रम के दाखिले जारी हैं। शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार, दिसंबर में सेमेस्टर परीक्षाओं की शुरुआत होनी है।
विद्यांत कॉलेज, शशिभूषण बालिका महाविद्यालय, नारी शिक्षा निकेतन, खुनखुन जी गर्ल्स कॉलेज और कालीचरण डिग्री कॉलेज समेत कई कॉलेज ऐसे हैं जहां अब भी किसी न किसी कोर्स की दाखिला प्रक्रिया चल रही है। वहीं प्राइवेट कॉलेजों की बात करें तो ज्यादातर जगहों पर प्रवेश अभी तक चल रहे हैं। नियमानुसार सेमेस्टर परीक्षा से पहले कम से कम 90 दिन पढ़ाई होना अनिवार्य है। अब जबकि काफी संस्थानों में दाखिले ही चल रहे हैं, ऐसे में 90 दिन की पढ़ाई पूरी होना मुश्किल दिखाई दे रहा है।
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सीयूईटी के चलते हो रही देरी
लखनऊ विश्वविद्यालय सहयुक्त कॉलेज शिक्षक संघ की महामंत्री प्रो. अंशू केडिया के मुताबिक, सीयूईटी के दाखिलों में देरी का असर राजधानी के शिक्षण संस्थानों पर भी पड़ रहा है। सरकार को सीयूईटी के दाखिले सही समय पर कराने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए। ऐसा न करने पर हर साल दाखिलों में देरी और पढ़ाई का नुकसान होता रहेगा।
एक्स्ट्रा क्लास करके पूरे होंगी निर्धारित कक्षाएं
लविवि प्रशासन दाखिले और परीक्षा के साथ ही विद्यार्थियों की पढ़ाई के प्रति पूरी तरह से गंभीर है। ज्यादातर कक्षाएं सही समय पर प्रारंभ हो गई थीं। जहां पर निर्धारित कक्षाएं सामान्य रूप से पूरी नहीं हो पाएंगी वहां पर एक्स्ट्रा क्लास चलाई जाएंगी।
प्रो. दुर्गेश श्रीवास्तव, प्रवक्ता लविवि
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राजधानी के एकमात्र स्वायत्त महाविद्यालय नेशनल पीजी कॉलेज में बीते सप्ताह मिड टर्म की परीक्षाएं संपन्न हो गईं। वहीं दूसरी ओर लखनऊ विश्वविद्यालय से जुड़े ज्यादातर कॉलेजों में अब भी दाखिले चल रहे हैं। लविवि ही नहीं ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय और डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में किसी न किसी पाठ्यक्रम के दाखिले जारी हैं। शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार, दिसंबर में सेमेस्टर परीक्षाओं की शुरुआत होनी है।
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विद्यांत कॉलेज, शशिभूषण बालिका महाविद्यालय, नारी शिक्षा निकेतन, खुनखुन जी गर्ल्स कॉलेज और कालीचरण डिग्री कॉलेज समेत कई कॉलेज ऐसे हैं जहां अब भी किसी न किसी कोर्स की दाखिला प्रक्रिया चल रही है। वहीं प्राइवेट कॉलेजों की बात करें तो ज्यादातर जगहों पर प्रवेश अभी तक चल रहे हैं। नियमानुसार सेमेस्टर परीक्षा से पहले कम से कम 90 दिन पढ़ाई होना अनिवार्य है। अब जबकि काफी संस्थानों में दाखिले ही चल रहे हैं, ऐसे में 90 दिन की पढ़ाई पूरी होना मुश्किल दिखाई दे रहा है।
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सीयूईटी के चलते हो रही देरी
लखनऊ विश्वविद्यालय सहयुक्त कॉलेज शिक्षक संघ की महामंत्री प्रो. अंशू केडिया के मुताबिक, सीयूईटी के दाखिलों में देरी का असर राजधानी के शिक्षण संस्थानों पर भी पड़ रहा है। सरकार को सीयूईटी के दाखिले सही समय पर कराने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए। ऐसा न करने पर हर साल दाखिलों में देरी और पढ़ाई का नुकसान होता रहेगा।
एक्स्ट्रा क्लास करके पूरे होंगी निर्धारित कक्षाएं
लविवि प्रशासन दाखिले और परीक्षा के साथ ही विद्यार्थियों की पढ़ाई के प्रति पूरी तरह से गंभीर है। ज्यादातर कक्षाएं सही समय पर प्रारंभ हो गई थीं। जहां पर निर्धारित कक्षाएं सामान्य रूप से पूरी नहीं हो पाएंगी वहां पर एक्स्ट्रा क्लास चलाई जाएंगी।
प्रो. दुर्गेश श्रीवास्तव, प्रवक्ता लविवि