डीएम बनने के लिए फील्ड ही नहीं शासन का अनुभव भी जरूरी, दिखने लगा आदेश का असर
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शासन ने जिलाधिकारी की जिम्मेदारी फील्ड के साथ शासन में काम का अनुभव रखने वाले अफसरों को ही देने का मन बनाया है। वरिष्ठ प्रशासनिक सेवा की सीधी भर्ती से चयनित 2012 व 2013 बैच के अफसरों को कलेक्टर के पहले फील्ड की तैनाती अवधि में शासन में भी पोस्टिंग देनी शुरू कर दी है। करीब आधा दर्जन आईएएस अधिकारी फील्ड से शासन में आ चुके हैं। 2012 बैच के अन्य अफसरों को भी जल्दी ही शासन के विभिन्न पदों पर पोस्टिंग देने की योजना है।
शासन के वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि जिलाधिकारी जैसे पद पर फील्ड के साथ शासन के कामकाज के अनुभव की भी बहुत जरूरत होती है। जिलाधिकारी को शासन से नियमित संवाद रखना होता है। शासन के आंतरिक कामकाज की समझ होने से वह जिले से शासन के बीच बेहतर समन्वय रख सकता है। पूर्व में डायरेक्ट सेवा के आईएएस अधिकारी शासन में कुछ समय की सेवा देने के बाद ही जिलों के कलेक्टर बनाए जाते थे।
मौजूदा मुख्य सचिव राजीव कुमार शासन में जॉइंट सेक्रेटरी की सेवा के बाद ही कलेक्टर बने थे। लेकिन धीरे-धीरे यह प्रैक्टिस बंद कर दी गई। जाइंट मजिस्ट्रेट व मुख्य विकास अधिकारी जैसी फील्ड की जिम्मेदारी के बाद सीधे जिलाधिकारी के पद पर पोस्टिंग दे दी जाने लगी। नतीजा ये हुआ कि कलेक्टर के पद पर अफसरों की अनुभवहीनता कई बार सरकार की किरकिरी की सबब बनने लगी।
बताया गया है कि मुख्य सचिव राजीव ने कलेक्टर की पोस्टिंग में फील्ड के साथ शासन में काम के अनुभव को ध्यान में रखने का निर्देश दिया है। वर्तमान में 2011 बैच के प्रदेश में उपलब्ध 16 अधिकारियों में 14 किसी न किसी जिले में कलेक्टर हैं। आगे 2012 बैच के अफसरों को मौका मिलना है।
नजर आने लगा है आदेश का असर
मार्च से अप्रैल के बीच हुए आईएएस के तबादलों में मुख्य सचिव के इस निर्देश पर अमल नजर आने लगा है। सात मार्च व 12 अप्रैल के तबादलों में 2012 बैच के डायरेक्ट सेवा के पांच आईएएस अधिकारियों को फील्ड से हटाकर शासन व मुख्यालय स्तर पर तैनाती दी जा चुकी है।
नवंबर 2017 में 2013 बैच के आईएएस अधिकारी अविनाश कुमार को फर्रुखाबाद के सीडीओ से शासन में विशेष सचिव मुख्यमंत्री के पद पर तैनाती दी गई थी। आने वाले दिनों में 2012 बैच के बाकी अफसरों को प्राथमिकता पर शासन में लाने की योजना है।
2012 बैच के इन अफसरों को शासन में मिली तैनाती
अधिकारी का नाम--फील्ड में तैनाती--शासन में तैनाती
अंकित अग्रवाल--सीडीओ मुजफ्फरगर--विशेष सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास
अरुण कुमार--सीडीओ कानपुर--विशेष सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास
रवीश गुप्ता--सीडीओ फैजाबाद--विशेष सचिव एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन
यशु रूस्तगी--उपाध्यक्ष मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण मथुरा--विशेष सचिव वित्त
उज्जवल कुमार--नगर आयुक्त मथुरा वृंदावन मथुरा--निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क