धर्मांतरण की सूचना मिलते ही दर्ज होगा केस!
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शासन ने धर्म परिवर्तन के मामले में गंभीर रुख अपनाते हुए जिलों के पुलिस कप्तानों से कहा है कि ऐसे मामलों की जानकारी मिलते ही फौरन मुकदमा दर्ज कर जरूरी कार्रवाई की जाए। उधर, आगरा में जिन लोगों का धर्म परिवर्तन कराया गया है, उनकी सूची तैयार कराई जा रही है।
प्रमुख सचिव गृह देबाशीष पंडा ने बताया कि जिले के कप्तानों को निर्देश दिए गए हैं कि जबरन धर्म परिवर्तन को लेकर अभिसूचना इकाई से मिली रिपोर्ट के आधार पर जरूरी एहतियाती कार्रवाई सुनिश्चित कराएं।
यदि कोई ऐसी घटना सामने आती है तो जिला प्रशासन के अधिकारी तत्काल उसकी तथ्यात्मक जानकारी प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को दें जिससे कोई भ्रामक स्थिति उत्पन्न न हो सके।
पुलिस टीम बंगाल जाकर करेगी तस्दीक
उधर, आईजी कानून-व्यवस्था सतीश गणेश ने बताया कि आगरा में प्रकरण के वादी इस्माइल का धारा 164 के तहत कलमबंद बयान दर्ज किया गया है।
वहां धर्म परिवर्तन करने वालों के जो नाम सामने आए हैं, उनमें से अधिकतर का मूल पता पश्चिम बंगाल के एक खास जिले का है। ऐसे में पूरी सूची तैयार कराने के बाद पुलिस की एक टीम पश्चिम बंगाल भेजी जाएगी जो तस्दीक कर सच्चाई का पता करेगी।
अल्पसंख्यक आयोग ने डीएम व एसएसपी से तलब की रिपोर्ट
राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने आगरा में हुए धर्मांतरण मामले में वहां के डीएम और एसएसपी से रिपोर्ट तलब की है। राज्य अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य शफी आजमी ने डीएम व एसएसपी से तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है।
आजमी ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि यह मसला काफी गंभीर है। गरीबों को बहला-फुसलाकर व लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन करना ठीक नहीं है। इससे प्रदेश का माहौल खराब होने का अंदेशा है।
इसे देखते हुए रिपोर्ट तलब की गई है। इसके बाद अल्पसंख्यक आयोग की एक टीम आगरा जाएगी। मौके पर जांच के बाद जरूरी एहतियाती कदम उठाए जाएंगे।