फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Aditya was frustrated due to lay-out getting stuck, Baahubali was also under pressure

Lucknow News: ले-आउट अटकने से हताश थे आदित्य, बाहुबली का भी था दबाव

Wed, 13 Mar 2024 03:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Wed, 13 Mar 2024 03:19 AM IST
विज्ञापन
Aditya was frustrated due to lay-out getting stuck, Baahubali was also under pressure
लखनऊ। रियल एस्टेट कारोबारी आदित्य मिश्र की खुदकुशी के मामले में सुसाइड नोट से बड़ा खुलासा हुआ है। नोट में दावा किया गया है कि उनके प्रोजेक्ट संस्कार नगरम को सिंचाई विभाग से एनओसी नहीं मिल पा रही थी। एलडीए से ले-आउट भी पास नहीं हो पा रहा था। जिसके चलते वह बेहद हताश थे। इसी वजह से उन्होंने खुदकुशी कर ली। साथ ही पता चला कि उनकी जमीन के पास ही पूर्वांचल के एक बाहुबली नेता की भी जमीन है। इसको लेकर बाहुबली का भी उन पर दबाव था। इस बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।
विज्ञापन



गोसाईंगंज के मलौली गांव निवासी आदित्य मिश्र (45) का रियल एस्टेट का कारोबार था। सुशांत गोल्फ सिटी में उनका दफ्तर था। वह इलाके में ढाई हजार एकड़ में संस्कार नगरम नाम से सनातन सिटी प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने में लगे थे। सोमवार को आदित्य ने अपने दफ्तर में गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। उनकी डायरी में लिखा सुसाइड नोट मिला था। जिसमें उन्होंने साफ लिखा था कि खुदकुशी के लिए कोई भी जिम्मेदार नहीं है। ये भी लिखा था कि एनओसी न मिलने से वह परेशान हैं।
विज्ञापन




एडीसीपी साउथ शशांक सिंह ने बताया कि सुसाइड नोट में ही लिखा कि ...बहुत मेहनत की लेकिन सिंचाई विभाग से एनओसी नहीं मिली। अब सवाल है कि क्या यही एनओसी का न मिलना आदित्य के खुदकुशी करने का कारण बना।
विज्ञापन
विज्ञापन




संस्कार नगरम प्रोजेक्ट करीब पांच सौ करोड़ रुपये का था। जमीन से लेकर पैसों के लेनदेन में तमाम चीजें फंसी हुई थीं। सूत्रों के मुताबिक आदित्य पर तमाम लोगों की बड़ी रकम बकाया थी। प्रोजेक्ट भी गति नहीं पकड़ पा रहा था। न कोई काम हो पा रहा था। इसलिए आदित्य तनाव में थे। आदित्य के तनाव में होने की बात उनके दोस्तों व परिजनों ने भी पुलिस को बताई थी।


डीसीपी साउथ तेज स्वरूप सिंह ने बताया कि आदित्य के दफ्तर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। जिस कमरे में वह बैठते थे वहां कैमरा नहीं है। लेकिन, अन्य कैमरों को जब देखा गया तो उसमें किसी तरह की संदिग्धता नहीं पाई गई। डीसीपी का कहना है कि परिजन अगर कोई तहरीर देंगे तो जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed