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अवध के नवाबों की जिंदगी मंच पर उतार रहे आईपीएस अफसर सौरभ श्रीवास्तव
मनीष सचान/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 16 Dec 2017 10:36 AM IST
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नाटक का मंचन करते एडीजी सौरभ श्रीवास्तव
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भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एडीजी सौरभ श्रीवास्तव, एक ऐसी शख्सियत जो पेशे से तो राजस्थान पुलिस अकादमी के निदेशक हैं, लेकिन दिल से एक कलाकार। पुलिस की व्यस्त नौकरी के बीच भी उन्होंने अपने अंदर के कलाकार को थियेटर के माध्यम से जीवित रखा। इतना ही नहीं मौका मिलने पर अपने इस हुनर से लोगों का मनोरंजन करने के साथ बड़े संदेश भी दिए। उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले सौरभ राजस्थान और देश के कई शहरों में रंगमंच के माध्यम से लोगों का दिल जीत रहे हैं।
16 दिसंबर को अजमेर में लखनऊ के नवाबों पर एक नाटक का मंचन करने जा रहे हैं। अमर उजाला से विशेष बातचीत में इस नाटक और अपने बारे में कुछ बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि यह नाटक आइरिस लेखक ऑस्कर वाइल्ड द्वारा लिखित नाटक 'द इंपॉर्टेंस ऑफ बीइंग अर्नेस्ट' पर आधारित है। इस नाटक का पहली बार मंचन 14 फरवरी 1895 में किया गया था। लंदन के जमीदारों पर लिखे गए इस नाटक का हिंदी रूपांतरण भारतीय परिपेक्ष्य और लखनऊ के नवाबों को केंद्र में रखकर किया गया है।
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16 दिसंबर को अजमेर में लखनऊ के नवाबों पर एक नाटक का मंचन करने जा रहे हैं। अमर उजाला से विशेष बातचीत में इस नाटक और अपने बारे में कुछ बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि यह नाटक आइरिस लेखक ऑस्कर वाइल्ड द्वारा लिखित नाटक 'द इंपॉर्टेंस ऑफ बीइंग अर्नेस्ट' पर आधारित है। इस नाटक का पहली बार मंचन 14 फरवरी 1895 में किया गया था। लंदन के जमीदारों पर लिखे गए इस नाटक का हिंदी रूपांतरण भारतीय परिपेक्ष्य और लखनऊ के नवाबों को केंद्र में रखकर किया गया है।
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हंसी-मजाक संग मिलेगा बड़ा संदेश
एडीजी सौरभ श्रीवास्तव
इस नाटक में लखनऊ के नवाबों के रहन-सहन और शान-ओ-शौकत की तुलना लंदन के जमीदारों से की गई है। आजादी के बाद उनकी नवाबी तो चली गई, लेकिन उनकी ठसक और नवाबी शौक में कोई कमी नहीं आई।
यह नाटक उनकी खोखली जीवन शैली पर व्यंग करते हुए मानवीय रिश्तों और प्यार के विभिन्न पहलुओं को उजागर करने का प्रयास है। तीन युगल जोड़ों के जीवन पर आधारित यह नाटक दर्शकों को हंसी-मजाक के साथ मानवीय मूल्यों के बड़े संदेश देगा, जो आज भी प्रासंगिक हैं।
यह नाटक उनकी खोखली जीवन शैली पर व्यंग करते हुए मानवीय रिश्तों और प्यार के विभिन्न पहलुओं को उजागर करने का प्रयास है। तीन युगल जोड़ों के जीवन पर आधारित यह नाटक दर्शकों को हंसी-मजाक के साथ मानवीय मूल्यों के बड़े संदेश देगा, जो आज भी प्रासंगिक हैं।
नौकरी के साथ तलाश लिए साथी
एडीजी सौरभ श्रीवास्तव नाट्य मंचन करते हुए।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के राजीव गांधी ऑडिटोरियम में एडीजी सौरभ श्रीवास्तव अपनी पत्नी और अन्य सहयोगियों (जो आईएएस, पीसीएस, डॉक्टर जैसे पेशों से जुड़े हैं ) के साथ नाटक के विभिन्न किरदारों के रूप में नजर आएंगे। इस नाटक का निर्देशन और लेखन स्वयं एडीजी सौरभ श्रीवास्तव ने ही किया है। नाटक में संस्कृति द स्कूल, पृथ्वीराज फाउंडेशन, कला अंकुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थनों का भी सहयोग रहेगा।
उत्तर प्रदेश से है एडीजी सौरभ श्रीवास्तव का नाता
एडीजी सौरभ श्रीवास्तव
उत्तर प्रदेश के बनारस शहर के रहने वाले एडीजी सौरभ श्रीवास्तव कॉलेज के दिनों से ही थियेटर से जुड़े रहे। इलाहाबाद, लखनऊ और कानपुर में शिक्षा के साथ रंगमंच पर भी सक्रिय रहे। आईपीएस में राजस्थान कॉडर मिलने के बाद विभिन्न पदों पर सेवाएं देते हुए वर्तमान में राजस्थान पुलिस अकादमी में निदेशक के पद पर तैनात हैं।
रंगमंच से अपने जुड़ाव के बारे में सौरभ कहते हैं कि नौकरी की व्यस्तता के बीच भी इस शौक को जिंदा रखा। राजस्थान में गंधर्व थियेटर का गठन किया। इससे राजस्थान के कई आईपीएस, आईएएस, डॉक्टर, शिक्षक, सीए और छात्र जुड़े हैं। पिछले कई वर्षों से सक्रिय रूप से राजस्थान के विभिन्न जिलों में अपनी नाट्य प्रस्तुति दे रहे हैं।
हाल ही में जयपुर के रंग महोत्सव और दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामियां के स्थापना दिवस पर भी अपनी प्रस्तुति दी है। एडीजी श्रीवास्तव ने लखनऊ में चल रहे रेपर्टवा फेस्टिवल में भी अगले साल अपनी प्रस्तुति देने की इच्छा जाहिर की है।
रंगमंच से अपने जुड़ाव के बारे में सौरभ कहते हैं कि नौकरी की व्यस्तता के बीच भी इस शौक को जिंदा रखा। राजस्थान में गंधर्व थियेटर का गठन किया। इससे राजस्थान के कई आईपीएस, आईएएस, डॉक्टर, शिक्षक, सीए और छात्र जुड़े हैं। पिछले कई वर्षों से सक्रिय रूप से राजस्थान के विभिन्न जिलों में अपनी नाट्य प्रस्तुति दे रहे हैं।
हाल ही में जयपुर के रंग महोत्सव और दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामियां के स्थापना दिवस पर भी अपनी प्रस्तुति दी है। एडीजी श्रीवास्तव ने लखनऊ में चल रहे रेपर्टवा फेस्टिवल में भी अगले साल अपनी प्रस्तुति देने की इच्छा जाहिर की है।