पाकिस्तान में बैठ कर अमेरिका के नंबर से दी गई भाजपा विधायकों को धमकी, दाऊद का गुर्गा रच रहा साजिश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी में भाजपा के विधायकों को पाकिस्तान में बैठ कर अमेरिका के टेक्सॉस प्रांत के नंबर से व्हाट्स एप मैसेज भेजा गया। यूपी पुलिस की शुरुआती जांच में यह तथ्य सामने आए हैं। एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार का कहना है कि इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है। देश में भय फैलाने के उद्देश्य से यह धमकी सुनियोजित साजिश के तहत दी गई है। इसमें तथ्य कम और प्रोपेगंडा अधिक है।
एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार ने बताया कि यूपी के 12 विधायकों के अलावा मध्यप्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के कुछ लोगों को भी इस तरह की धमकी भरे मेसेज मिले हैं। जिस नंबर से मेसेज आए हैं वह अमेरिका के टेक्सॉस प्रांत में लैंडलाइन के रूप में रजिस्टर है। शुरुआती जांच में पता चला कि इस नंबर पर व्हाट्सएप की सुविधा भी है। यह धमकी प्रॉक्सी आईपी एड्रेस के जरिए दी जा रही हैं।
बहरहाल इस मामले में बतौर नोडल अधिकारी एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश केंद्रीय गुप्तचर एजेंसी समेत अन्य एजेंसियों से समन्वय स्थापित कर रहे हैं। एसआईटी में एटीएस के एसएसपी जोगेंद्र सिंह और एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक त्रिवेणी सिंह को सदस्य बनाया गया है।
अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का दायां हाथ था अली बुदेश
धमकाने के लिए जिस अली बुदेश का नाम इस्तेमाल किया गया है वह कभी अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का दायां हाथ था। मुंबई में वह फिरौती मांगने का रैकेट चलाता था। उसने 90 के दशक में फिल्म इंडस्ट्री के कुछ लोगों को धमकी भी दी थी। 1998 में दाऊद से झगड़ा होने पर दोनों एक-दूसरे के दुश्मन हो गए। इस समय बुदेश के बहरीन में होने की सूचना है। पिछले 8-10 वर्षों में उसकी भारत में कोई गतिविधि नहीं रही है। 2010 में काठमांडू में दाऊद इब्राहिम के तीन गुर्गों की हत्या की गई थी। उस घटना में अली बुदेश का नाम सामने आया था। बुदेश को भारत की खुफिया एजेंसियों को भी तलाश है।
मोबाइल हैक कर हासिल किए गए नंबर!
आनंद कुमार ने बताया कि संभावना है कि किसी विधायक का मोबाइल हैक कर अन्य विधायकों के निजी नंबरों पर मेसेज किए गए। जिन विधायकों को धमकी दी गई है वहां के पुलिस कप्तानों को विधायक व उनके परिजनों की सुरक्षा पुख्ता करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब तक 12 विधायकों ने दर्ज कराई शिकायत
अब तक 12 विधायकों ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई है। लखनऊ में कई अन्य लोगों को ऐसे मेसेज मिलने की बात सामने आई है। अन्य राज्यों में जिन लोगों को मेसेज भेजे गए उनके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। अगर ऐसी धमकियां किसी और के पास भी आई है तो वह नजदीकी थाने जाकर एफआईआर दर्ज करा सकता है।
मुख्यमंत्री ने लिया मामले का संज्ञान, जांच के आदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) से इस संबंध में जानकारी लेकर तत्काल एटीएस और एसटीएफ से जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रकरण का शीघ्र खुलासा कर दोषियों खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा है।
मैसेज करने वाला पुलिस को खुलेआम दे रहा है चुनौती
व्हाट्स एप के जरिए अमेरिका के नंबर से दी जा रही धमकी के मामले में बुधवार को कई और विधायक के नाम सामने आए। अब तक कुल 18 विधायक पुलिस को जानकारी दे चुके हैं कि उनके पास भी इस तरह के मैसेज आए हैं, जिसमें 10 लाख रुपये की मांग की गई है और पैसे न देने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी गई है।
जांच में जुटी एजेंसियों का कहना है कि मेसेज करने वाला व्यक्ति बड़ा ही शातिर और इंटरनेट का जानकार है। उसको पता है कि उसकी आईपी और वास्तविक लोकेशन के लिए पुलिस कौन कौन से तरीके अपना सकती है। पुलिस ने उससे व्हाट्स एप पर चैट कर पहुंचने की कोशिश की तो वह पुलिस से ही खेलने लगा और पुलिस को चुनौती देने लगा।
इसके बाद पुलिस ने लॉ इंफोर्समेंट एजेंसीज की मदद से अभियुक्त की वास्तविक आईपी और ईमेल आईडी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। एक अधिकारी ने बताया कि उसके हाथ में मोबाइल है और वह किसी को भी यह मैसेज फारवर्ड कर रहा है। यह संख्या और भी अधिक हो सकती है जिनके पास इस तरह के मैसेज किए गए हैं। एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार का कहना है कि एक ही व्यक्ति एक ही नंबर का इस्तेमाल कर इस तरह की धमकी दे रहा है। ऐसे में उस तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
डीजीपी ने गठित की एसआईटी
मामले में डीजीपी ओपी सिंह ने जांच के लिए एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश के नेतृत्व में तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन कर दिया है। सभी संबंधित जिलों के एसपी को एसटीएफ से सहयोग करने के लिए कहा गया है। साथ ही केंद्रीय गुप्तचर एजेंसियों की भी मदद ली जा रही है।
यूपी के 18 विधायकों के अलावा मध्यप्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के कुछ लोगों को भी इस तरह के धमकी भरे मेसेज किए गए हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले का जल्द खुलासा कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को एक के बाद एक लगभग दर्जन भर विधायकों के अमेरिका के नंबर से व्हाट्सएप मैसेज पहुंचा। जिनमें तीन दिन के अंदर 10 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की गई। कुछ विधायक से बिटक्वाइन आईडी बताकर उस पर बिटक्वाइन में रकम मांगी गई। बुधवार को भी छह और विधायकों ने इसकी शिकायत की। इसके बाद राज्य की सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हुए और आननफानन में केंद्रीय सुरक्षा व खुफिया एजेंसियों से इस मामले में सहयोग की मांग की गई। व्हाट्सएप सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर से भी संपर्क कर इस बारे में जानकारी इकट्ठा की जा रही है।