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Lucknow News: सात वर्ष सजा काटने के बाद हाईकोर्ट से बरी
Mon, 22 Dec 2025 02:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 22 Dec 2025 02:25 AM IST
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लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने हेरोइन रखने के आरोप में 10 वर्ष की सजा पाए 72 वर्षीय विनय कुमार शर्मा साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। वह गिरफ्तारी और सत्र अदालत से सजा सुनाए जाने के बाद से लगभग सात वर्ष (छह वर्ष, 11 महीने और 24 दिन) जेल में बिता चुका था।
न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की एकल पीठ ने यह फैसला विनय कुमार शर्मा की अपील पर दिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, सेंट्रल नारकोटिक्स ब्यूरो को सूचना मिली थी कि गणेशगंज के होटल मनीषा में विनय कुमार शर्मा बाराबंकी के व्यक्ति से हेरोइन खरीदने वाला है। 27 फरवरी 1995 को ब्यूरो की टीम ने होटल में छापा मारा। उस दौरान विनय कुमार शर्मा और कथित तौर पर हेरोइन बेचने आए मो. इस्लाम उर्फ फारूक को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से क्रमशः 120 ग्राम और 80 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। सत्र अदालत ने 28 मई 1998 को अपीलार्थी को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी।
अपीलार्थी की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि छापा मारने के समय उसकी तलाशी किसी राजपत्रित अधिकारी के सामने नहीं ली गई। कोर्ट ने फैसले में सहमति जताई कि अपीलार्थी की तलाशी के दौरान राजपत्रित अधिकारी के सामने तलाशी की अनिवार्य शर्त का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण बरामदगी संदिग्ध मानी जाएगी।
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न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की एकल पीठ ने यह फैसला विनय कुमार शर्मा की अपील पर दिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, सेंट्रल नारकोटिक्स ब्यूरो को सूचना मिली थी कि गणेशगंज के होटल मनीषा में विनय कुमार शर्मा बाराबंकी के व्यक्ति से हेरोइन खरीदने वाला है। 27 फरवरी 1995 को ब्यूरो की टीम ने होटल में छापा मारा। उस दौरान विनय कुमार शर्मा और कथित तौर पर हेरोइन बेचने आए मो. इस्लाम उर्फ फारूक को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से क्रमशः 120 ग्राम और 80 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। सत्र अदालत ने 28 मई 1998 को अपीलार्थी को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी।
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अपीलार्थी की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि छापा मारने के समय उसकी तलाशी किसी राजपत्रित अधिकारी के सामने नहीं ली गई। कोर्ट ने फैसले में सहमति जताई कि अपीलार्थी की तलाशी के दौरान राजपत्रित अधिकारी के सामने तलाशी की अनिवार्य शर्त का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण बरामदगी संदिग्ध मानी जाएगी।
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