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Lucknow News: लविवि के मृत कर्मी को जीवित दिखाकर सात साल तक पेंशन हड़पने का आरोप
Sat, 07 Feb 2026 02:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 07 Feb 2026 02:32 AM IST
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लखनऊ। कैसरबाग निवासी रामबहादुर पर मृत पिता लविवि कर्मचारी पुत्तीलाल का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर पेंशन हड़पने का आरोप है। धोखाधड़ी में उसके तीन बेटे और भाई भी शामिल हैं। यह आरोप रामबहादुर के भतीजे बीकेटी के पहाड़पुर निवासी आयुष कुमार ने लगाए हैं। कैसरबाग पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
आयुष के मुताबिक ताऊ पुत्तीलाल फिजिक्स विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। वर्ष 2002 में वह सेवानिवृत्त हो गए थे और उनकी मृत्यु 23 दिसंबर 2017 में हो गई थी। आरोप है कि आर्थिक लाभ उठाने के लिए पुत्तीलाल के बेटे रामबहादुर व उनके पोते अभिषेक, विवेक और विशाल ने ताऊ को दस्तावेज में वर्ष 2023 तक जीवित दिखाया। फिर रामबहादुर ने अपने ताऊ चुन्नीलाल को पिता की जगह दिखाकर उनका अंगूठा लगवाकर पेंशन लेते रहे। चुन्नीलाल को जब धोखाधड़ी की जानकारी हुई तो उन्होंने लविवि में शपथपत्र दिया। पेंशन विभाग की टीम की जांच में सामने आया कि पुत्तीलाल के तीन मृत्यु प्रमाणपत्र बनाए गए थे। इसके जरिये आरोपियों ने करीब सात साल तक पेंशन का लाभ उठाया।
इंस्पेक्टर अंजनी मिश्र के मुताबिक रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की गई है। फर्जीवाड़े से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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आयुष के मुताबिक ताऊ पुत्तीलाल फिजिक्स विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। वर्ष 2002 में वह सेवानिवृत्त हो गए थे और उनकी मृत्यु 23 दिसंबर 2017 में हो गई थी। आरोप है कि आर्थिक लाभ उठाने के लिए पुत्तीलाल के बेटे रामबहादुर व उनके पोते अभिषेक, विवेक और विशाल ने ताऊ को दस्तावेज में वर्ष 2023 तक जीवित दिखाया। फिर रामबहादुर ने अपने ताऊ चुन्नीलाल को पिता की जगह दिखाकर उनका अंगूठा लगवाकर पेंशन लेते रहे। चुन्नीलाल को जब धोखाधड़ी की जानकारी हुई तो उन्होंने लविवि में शपथपत्र दिया। पेंशन विभाग की टीम की जांच में सामने आया कि पुत्तीलाल के तीन मृत्यु प्रमाणपत्र बनाए गए थे। इसके जरिये आरोपियों ने करीब सात साल तक पेंशन का लाभ उठाया।
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इंस्पेक्टर अंजनी मिश्र के मुताबिक रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की गई है। फर्जीवाड़े से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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