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विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के लिए न्यूनतम सामान्य पाठ्यक्रम तैयार होगा
Wed, 07 Oct 2020 09:04 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 07 Oct 2020 09:04 PM IST
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प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसार न्यूनतम सामान्य पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा। शिक्षा नीति के अनुसार तैयार पाठ्यक्रम को शैक्षिक सत्र 2021-22 से लागू किया जाएगा। वहीं प्रदेश के सभी राजकीय महाविद्यालयों और राज्य विश्वविद्यालयों के शिक्षकों, कर्मचारियों और इंफ्रास्ट्रक्चर का एक कॉमन डाटा बैंक तैयार किया जाएगा, ताकि सभी दूसरे महाविद्यालय और विश्वविद्यालय भी उसका उपयोग कर सकें। बुधवार को उच्च शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव मोनिका एस. गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित स्टीरियरिंग कमेटी की ऑनलाइन बैठक में इस पर मंथन किया गया।
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि शिक्षा नीति के अनुसार पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए प्रो. सुरेंद्र दुबे की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। समिति के नीचे भी राज्य स्तरीय समिति, सुपरवाइजर समिति तथा विषय विशेषज्ञ समिति गठित की जाएगी। उन्होंने बताया कि विभाग ने शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन के लिए 17 वर्किंग ग्रुप बनाए गए हैं। प्रत्येक वर्किंग ग्रुप एक विषय आवंटित किया गया है। बुधवार को आयोजित बैठक में प्रत्येक वर्किंग ग्रुप ने अपनी कार्य योजना प्रस्तुत की।
अपर मुख्य सचिव मोनिका एस. गर्ग ने सभी वर्किंग ग्रुप को अपनी लघु अवधि और दीर्घ अवधि टाइमलाइन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि माध्यमिक शिक्षा से उच्च शिक्षा एवं पॉलीटेक्निक से उच्च शिक्षा में आने वाले विद्यार्थियों के लिए एक समिति का गठन किया गया है। समिति माध्यमिक, पॉलीटेक्निक एवं उच्च शिक्षा के बीच समन्वय करेगी।
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उन्होंने बताया कि सभी विश्वविद्यालय एवं कॉलेज के एकेडमिक डाटा बैंक के लिए एनआईसी द्वारा एक पोर्टल तैयार किया जा रहा है। इस पोर्टल पर सभी विश्वविद्यालय एवं कॉलेज अपना डाटा अपलोड करेंगे। वेब पोर्टल में महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय का कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर, उपकरण एवं प्रोफेसर की जानकारी भी उपलब्ध होगी। ताकि आवश्यकता पड़ने पर विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय एक दूसरे के इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग कर सकें।
उन्होंने राज्य उच्च शिक्षा परिषद अपर सचिव को पोर्टल के प्रारूप की जानकारी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को उपलब्ध कराने और उनसे भी सुझाव लेने के निर्देश दिए।
विश्वविद्यालयों में ऑनलाइन और व्यवसायिक पाठ्यक्रम प्रकोष्ठ गठित करें
बैठक में प्रो. हरे कृष्णा ने सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में माइनर पाठ्यक्रम प्रकोष्ठ, सह-शैक्षणिक गतिविधि प्रकोष्ठ, ऑनलाइन पाठ्यक्रम प्रकोष्ठ, व्यावसायिक पाठ्यक्रम प्रकोष्ठ, रोजगार प्रकोष्ठ और उद्योग सहभागिता प्रकोष्ठ गठित करने का सुझाव दिया।
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अपर मुख्य सचिव ने बताया कि शिक्षा नीति के अनुसार पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए प्रो. सुरेंद्र दुबे की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। समिति के नीचे भी राज्य स्तरीय समिति, सुपरवाइजर समिति तथा विषय विशेषज्ञ समिति गठित की जाएगी। उन्होंने बताया कि विभाग ने शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन के लिए 17 वर्किंग ग्रुप बनाए गए हैं। प्रत्येक वर्किंग ग्रुप एक विषय आवंटित किया गया है। बुधवार को आयोजित बैठक में प्रत्येक वर्किंग ग्रुप ने अपनी कार्य योजना प्रस्तुत की।
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अपर मुख्य सचिव मोनिका एस. गर्ग ने सभी वर्किंग ग्रुप को अपनी लघु अवधि और दीर्घ अवधि टाइमलाइन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि माध्यमिक शिक्षा से उच्च शिक्षा एवं पॉलीटेक्निक से उच्च शिक्षा में आने वाले विद्यार्थियों के लिए एक समिति का गठन किया गया है। समिति माध्यमिक, पॉलीटेक्निक एवं उच्च शिक्षा के बीच समन्वय करेगी।
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उन्होंने बताया कि सभी विश्वविद्यालय एवं कॉलेज के एकेडमिक डाटा बैंक के लिए एनआईसी द्वारा एक पोर्टल तैयार किया जा रहा है। इस पोर्टल पर सभी विश्वविद्यालय एवं कॉलेज अपना डाटा अपलोड करेंगे। वेब पोर्टल में महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय का कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर, उपकरण एवं प्रोफेसर की जानकारी भी उपलब्ध होगी। ताकि आवश्यकता पड़ने पर विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय एक दूसरे के इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग कर सकें।
उन्होंने राज्य उच्च शिक्षा परिषद अपर सचिव को पोर्टल के प्रारूप की जानकारी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को उपलब्ध कराने और उनसे भी सुझाव लेने के निर्देश दिए।
विश्वविद्यालयों में ऑनलाइन और व्यवसायिक पाठ्यक्रम प्रकोष्ठ गठित करें
बैठक में प्रो. हरे कृष्णा ने सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में माइनर पाठ्यक्रम प्रकोष्ठ, सह-शैक्षणिक गतिविधि प्रकोष्ठ, ऑनलाइन पाठ्यक्रम प्रकोष्ठ, व्यावसायिक पाठ्यक्रम प्रकोष्ठ, रोजगार प्रकोष्ठ और उद्योग सहभागिता प्रकोष्ठ गठित करने का सुझाव दिया।