{"_id":"68de479c67d983b56b0c8064","slug":"according-to-the-national-crime-records-bureau-lucknow-has-recorded-more-kidnapping-cases-than-ghaziabad-and-2025-10-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"NCRB की रिपोर्ट: अपहरण के मामलों में गाजियाबाद और कानपुर से आगे निकला लखनऊ, कई अन्य अपराधों में भी आगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
NCRB की रिपोर्ट: अपहरण के मामलों में गाजियाबाद और कानपुर से आगे निकला लखनऊ, कई अन्य अपराधों में भी आगे
Thu, 02 Oct 2025 03:06 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 02 Oct 2025 03:06 PM IST
सार
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार, राजधानी लखनऊ में गाजियाबाद और कानपुर से ज्यादा अपहरण के मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं, अपहरण के मामले में 16 साल से कम उम्र की किशोरियों की संख्या ज्यादा है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : iStock
विस्तार
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो ने राजधानी में वर्ष 2023 में अपराध के आंकड़े जारी किए हैं। इसमें देश के 19 मेट्रोपोलिटन शहरों में यूपी के तीन शहर शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक राजधानी में गाजियाबाद और कानपुर से ज्यादा अपहरण के मामले दर्ज किए गए हैं, जो लखनऊ में अपराध की स्थिति बताने के लिए काफी है।
विज्ञापन
खास बात यह है कि लखनऊ हत्या, लूट, दुष्कर्म के अलावा अपहरण जैसे संगीन मामले में भी गाजियाबाद और कानपुर से बहुत आगे है। आंकड़ों के मुताबिक राजधानी में गाजियाबाद से 20 गुणा से भी ज्यादा मामले दर्ज किए गए। वहीं, कानपुर से दोगुना मामले सामने आए। इन आंकड़ों ने राजधानी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - कत्ल, खुदकुशी और नरबलि: सनी और सूरज की शव के पास सिंदूर और खून से सना अक्षत; बहराइच में उलझी 6 मौतों की गुत्थी
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - दस साल पहले दूसरी शादी...दो किशोरों का किया कत्ल, फिर बीवी और दो बेटियों संग आत्मदाह; बहराइच कांड की कहानी
आंकड़े एक नजर में
राजधानी में वर्ष 2021 में अपहरण के 773, वर्ष 2022 में 293 और वर्ष 2023 में 720 मामले पंजीकृत हुए। वहीं, कानपुर में वर्ष 2021 में 152, वर्ष 2022 में 341 और वर्ष 2023 में 373 मामले सामने आए। खास बात है कि गाजियाबाद में वर्ष 2021 में 50, 2022 में 55 और 2023 में महज 33 केस ही देखने को मिले।
अपहरण के मामलों में किशोरियों की संख्या ज्यादा
राजधानी में अपहरण के मामले में 16 साल से कम उम्र की किशोरियों की संख्या ज्यादा है। आंकड़ों के मुताबिक छह साल से कम उम्र की छह बच्चियां, छह से 12 साल की 26 बालिकाएं और 12 से 16 साल की 100 किशोरियों का वर्ष 2023 में अपहरण किया गया था। वहीं, कानपुर में 12 से 16 आयु वर्ग की 76 किशोरियों को अगवा किया गया था। गाजियाबाद में यह आंकड़ा शून्य दर्शाया गया है।