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हर ब्लॉक में तैनात होंगे एकेडमिक रिसोर्स पर्सन, परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई निगरानी की संभालेंगे कमान
Wed, 23 Oct 2019 10:49 AM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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Published by: Amulya Rastogi
Updated Wed, 23 Oct 2019 10:49 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई के परिणाम (लर्निंग आउटकम) बढ़ाने और स्कूलों की निगरानी की कमान अब एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) के हाथ होगी। हर ब्लॉक में छह एआरपी तैनात किए जाएंगे। जिले के सभी ब्लॉक के एआरपी को मिलाकर जिला स्तर पर एकेडमिक रिसोर्स ग्रुप (अकादमिक संदर्भ समूह) का गठन किया जाएगा।
वहीं, विभाग में वर्तमान में कार्यरत एनपीआरसी समन्वयकों और बीआरसी सह-समन्वयकों को उनके मूल विद्यालयों में शिक्षण कार्य के लिए वापस भेजा जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने मंगलवार शाम 821 विकास खंडों में 4105 और 59 नगर संसाधन केंद्रों पर 295 एआरपी की तैनाती का शासनादेश जारी किया।
शासनादेश में साफ किया गया है कि एआरपी चयन के लिए नए पद सृजित नहीं किए जाएंगे बल्कि वर्तमान में कार्यरत सह-समन्वयकों के स्वीकृत पदों में से समाहित किया जाएगा। हर ब्लॉक पर 6 रिसोर्स पर्सन में से एक डायट मेंटर के रूप में कार्य करेंगे।
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हर ब्लॉक में एक एआरपी का चयन समाज शास्त्र, इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, सैन्य विज्ञान, सांख्यिकी और कृषि विषय से किया जाएगा। एक-एक एआरपी हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान विषय के होंगे।
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वहीं, विभाग में वर्तमान में कार्यरत एनपीआरसी समन्वयकों और बीआरसी सह-समन्वयकों को उनके मूल विद्यालयों में शिक्षण कार्य के लिए वापस भेजा जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने मंगलवार शाम 821 विकास खंडों में 4105 और 59 नगर संसाधन केंद्रों पर 295 एआरपी की तैनाती का शासनादेश जारी किया।
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शासनादेश में साफ किया गया है कि एआरपी चयन के लिए नए पद सृजित नहीं किए जाएंगे बल्कि वर्तमान में कार्यरत सह-समन्वयकों के स्वीकृत पदों में से समाहित किया जाएगा। हर ब्लॉक पर 6 रिसोर्स पर्सन में से एक डायट मेंटर के रूप में कार्य करेंगे।
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हर ब्लॉक में एक एआरपी का चयन समाज शास्त्र, इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, सैन्य विज्ञान, सांख्यिकी और कृषि विषय से किया जाएगा। एक-एक एआरपी हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान विषय के होंगे।
लिखित परीक्षा और साक्षात्कार से होगा चयन
एआरपी के चयन के लिए मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तर पर समिति गठित की जाएगी। इसमें डायट प्राचार्य, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) और वरिष्ठ खंड शिक्षा अधिकारी सदस्य होंगे। समिति एआरपी चयन के लिए आवेदन आमंत्रित करने के साथ ही विषयवार लिखित परीक्षा कराएगी। प्रश्न पत्र तैयार कराने और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की व्यवस्था भी करेगी।
विषयवार माइक्रो टीचिंग प्रदर्शन के लिए मूल्यांकन समिति गठित की जाएगी। विषयवार लिखित परीक्षा 60 अंक की होगी। माइक्रो टीचिंग-शिक्षण प्रदर्शन के 30 अंक और 10 अंक का साक्षात्कार होगा। लिखित परीक्षा में 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी ही माइक्रो टीचिंग-शिक्षण प्रदर्शन के लिए पात्र होंगे। माइक्रो टीचिंग में 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले ही साक्षात्कार के लिए पात्र घोषित किए जाएंगे।
साक्षात्कार में भी 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी ही अंतिम चयन के लिए पात्र होंगे। लिखित परीक्षा, माइक्रो टीचिंग और साक्षात्कार में कुल 60 प्रतिशत या इससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों की बतौर एआरपी चयन के लिए मेरिट तैयार की जाएगी। इनका पदस्थापन काउंसलिंग के माध्यम से मेरिट या वरिष्ठता के आधार पर किया जाएगा।
विषयवार माइक्रो टीचिंग प्रदर्शन के लिए मूल्यांकन समिति गठित की जाएगी। विषयवार लिखित परीक्षा 60 अंक की होगी। माइक्रो टीचिंग-शिक्षण प्रदर्शन के 30 अंक और 10 अंक का साक्षात्कार होगा। लिखित परीक्षा में 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी ही माइक्रो टीचिंग-शिक्षण प्रदर्शन के लिए पात्र होंगे। माइक्रो टीचिंग में 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले ही साक्षात्कार के लिए पात्र घोषित किए जाएंगे।
साक्षात्कार में भी 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी ही अंतिम चयन के लिए पात्र होंगे। लिखित परीक्षा, माइक्रो टीचिंग और साक्षात्कार में कुल 60 प्रतिशत या इससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों की बतौर एआरपी चयन के लिए मेरिट तैयार की जाएगी। इनका पदस्थापन काउंसलिंग के माध्यम से मेरिट या वरिष्ठता के आधार पर किया जाएगा।
एक से तीन वर्ष होगा कार्यकाल
एआरपी का कार्यकाल 1 वर्ष का होगा। हर साल उनकी परफॉर्मेंस के आधार पर जिला स्तरीय चयन समिति की संस्तुति पर नवीनीकरण किया जाएगा। अधिकतम 3 वर्ष कार्यकाल रहेगा। तीन वर्ष के बाद पुन: चयन प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
एआरपी को स्कूलों का पर्यवेक्षण करने के लिए हर महीने 2500 रुपये और डायट मेंटर को 1000 रुपये वाहन भत्ता दिया जाएगा।
एआरपी का वार्षिक मूल्यांकन बीएसए और डायट प्राचार्य द्वारा गठित समिति से कराया जाएगा। समिति की रिपोर्ट के बाद सीडीओ एआरपी का कार्यकाल बढ़ाने की स्वीकृति देंगे। वार्षिक मूल्यांकन में संबंधित ब्लॉक के मेंटर को भी सदस्य बनाया जाएगा।
एकेडमिक रिसोर्स पर्सन के कार्य
एआरपी को स्कूलों का पर्यवेक्षण करने के लिए हर महीने 2500 रुपये और डायट मेंटर को 1000 रुपये वाहन भत्ता दिया जाएगा।
एआरपी का वार्षिक मूल्यांकन बीएसए और डायट प्राचार्य द्वारा गठित समिति से कराया जाएगा। समिति की रिपोर्ट के बाद सीडीओ एआरपी का कार्यकाल बढ़ाने की स्वीकृति देंगे। वार्षिक मूल्यांकन में संबंधित ब्लॉक के मेंटर को भी सदस्य बनाया जाएगा।
एकेडमिक रिसोर्स पर्सन के कार्य
- एकेडमिक रिसोर्स पर्सन को हर महीने की 28 तारीख को अगले महीने की कार्ययोजना और भ्रमण कार्यक्रम जिला समन्वयक-प्रशिक्षण के जरिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं डायट प्राचार्य के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी।
- प्रत्येक एआरपी को हर महीने कम से कम 30 स्कूलों, डायट मेंटर को 10 स्कूलों, केजीवीसी को दो स्कूलों का प्रेरणा एप के माध्यम से ऑनलाइन सुपरविजन करना होगा।
- एआरपी लर्निंग आउटकम पर आधारित बच्चों के अधिगम स्तर का आकलन का डाटा फीड कराएंगे। इन्हें विद्यालयवार और छात्रवार उपलब्धि रिपोर्ट पेश करनी होगी।
- विद्यालय निरीक्षण के दौरान संवेदनशील मुद्दों लैंगिक समता-समानता, जीवन कौशल शिक्षा, पर्यावरण संवेदना, सड़क सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, आत्मरक्षा और बाल अधिकार पर विचार-विमर्श करेंगे।
- ब्लॉक स्तर पर नवाचारी एवं बेहतर शिक्षण अधिगम कार्य करने के लिए शिक्षकों का समूह विकसित किया जाएगा।
- जिलों में शैक्षिक गुणवत्ता में वृद्धि एवं शैक्षिक वातावरण के निर्माण के लिए कार्यशाला, प्रशिक्षण, सेमिनार, प्रतियोगिताओं और रैलियों का आयोजन करेंगे।