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पैसे न देने पर डॉक्टर बने हैवान, 11 घंटे तड़पकर प्रसूता की दर्दनाक मौत

Thu, 18 May 2017 02:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 18 May 2017 02:01 AM IST
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A woman of lakhimpur died in queen marys hospital in Lucknow.
महिला की मौत के बाद उसके परिवारीजनों को बाहर निकाला। - फोटो : amar ujala

दर्द से तड़प रही प्रसूता की जान बचाने के लिए परिवारीजन जिस क्वीन मेरी अस्पताल में उसे ले गए थे, वहीं के डॉक्टरों की संवेदनहीनता ने उसकी जान ले ली। वाकया बुधवार तड़के तीन बजे का है।

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लखीमपुर के निजी अस्पताल में प्रसव के बाद हालत गंभीर होने पर प्रसूता को जब क्वीन मेरी अस्पताल लाया गया तो वहां डॉक्टरों ने 11 घंटे तक इलाज नहीं किया।

परिवारीजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने इलाज के लिए 20 हजार रुपये मांगे। पैसे न देने पर इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों ने तीमारदार को बंधक बनाकर पीटा और नवजात के साथ बाहर भगा दिया।
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बेबस परिवारीजन हंगामा करते रहे, अपनी बात जिम्मेदारों तक पहुंचाने के लिए सड़क जाम करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें शांत करा दिया। इस बीच इलाज नहीं मिलने से प्रसूता ने बुधवार दोपहर करीब दो बजे दम तोड़ दिया।

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पढ़िए दर्द से मौत तक की पूरी कहानी

A woman of lakhimpur died in queen marys hospital in Lucknow.
विलाप करते परिवारीजन - फोटो : amar ujala

लखीमपुर, रायपुर के राम प्रकाश की पत्नी किरन (26) को मंगलवार रात करीब 12 बजे प्रसव पीड़ा हुई। राम प्रकाश के भाई रामधीन और सुनील ने बताया कि जिला अस्पताल पहुंचे तो रात करीब एक बजे ऑपरेशन से किरन ने शिशु को जन्म दिया। प्रसव के बाद किरन की हालत बिगड़ने लगी।

डॉक्टरों की सलाह के बाद बुधवार तड़के करीब तीन बजे परिवारजन किरन को लेकर क्वीन मेरी अस्पताल पहुंचे। सुनील ने बताया कि डॉक्टरों ने भर्ती तो कर लिया लेकिन कोई इलाज नहीं किया। हालत बिगड़ती देख विरोध किया तो लेबर रूम में मौजूद डॉक्टरों ने सुबह करीब 5.35 बजे खून की जांच के लिए कहा। ट्रॉमा सेंटर के पैथोलॉजी में उसी समय सैंपल जमा कर दिया। इसके बाद प्रसूता लेबर रूम में तड़पती रही।

डॉक्टरों से इलाज के लिए कहा तो उन लोगों ने 20 हजार रुपये की मांग कर दी। पैसा न होने की बात बताई तो डॉक्टरों ने बाहर भगा दिया।

डॉक्टरों व स्टाफ में बाल खींचकर पीटा

A woman of lakhimpur died in queen marys hospital in Lucknow.
अस्पताल के बाहर लगी भीड़। - फोटो : amar ujala

थोड़ी देर बाद फिर से डॉक्टरों को इलाज शुरू करने के लिए कहा तो लेबर रूम में मौजूद डॉक्टरों व स्टाफ ने ननद जगर्ता देवी (45) को बाल खींचकर पीट दिया।

तीमारदारों ने विरोध किया तो डॉक्टरों ने परिवारीजनों और कुछ घंटे पहले जन्में नवजात को बाहर भगा दिया। जगर्ता देवी का आरोप था कि डॉक्टरों और स्टाफ ने लेबर रूम में भद्दी भद्दी गालियां देते हुए उनके साथ मारपीट की।

डॉक्टरों ने धमकी दी कि ज्यादा बोलोगे तो मरीज को गेट के बाहर फेंक देंगे। इसके बाद डॉक्टरों ने तीमारदारों को बाहर भगा दिया। बिना इलाज किरन ने बुधवार दोपहर करीब दो बजे तड़प तड़प कर दम तोड़ दिया।

वार्ड में मरीज को कर दिया कैद

A woman of lakhimpur died in queen marys hospital in Lucknow.
अस्पताल के बाहर लगी भीड़ व मौजूद पुलिसकर्मी। - फोटो : amar ujala

ननद जगर्ता देवी ने बताया कि इमरजेंसी पहुंची प्रसूता को डॉक्टरों ने उसे दूसरे तल पर स्थित वार्ड में शिफ्ट कर दिया। वार्ड में मरीज को देखने की कोशिश की तो डॉक्टरों व स्टाफ ने मिलने तक नहीं दिया गया। किरन दर्द से बेसुध हो गई और दोपहर करीब दो बजे दम तोड़ दिया।

8.30 घंटे बाद भी नहीं मिली रिपोर्ट
डॉक्टरों की लापरवाही और अव्यवस्था का आलम ये रहा कि सुबह करीब साढ़े पांच बजे दिए गए ब्लड सैंपल की रिपोर्ट दोपहर दो बजे तक नहीं आई थी।

सड़क पर फेंका प्लाज्मा
दो यूनिट ब्लड देने के बाद मिला प्लाज्मा भी डॉक्टरों ने नहीं चढ़ाया और सड़क पर फेंक दिया। डॉक्टरों की इस अमानवीय हरकतों से घर वाले टूट गए और फूट-फूट कर रोने लगे।

नवजात पर भी नहीं पसीजे डॉक्टर

A woman of lakhimpur died in queen marys hospital in Lucknow.

कुछ घंटे पहले जन्में नवजात को डॉक्टरों ने नाभि में लगने वाली क्लिप तक नहीं लगाई। नाक में लगी खाने की पाइप तक को नहीं हटाया गया। बेसुध परिवारीजन नवजात को लेकर सड़क पर चीख पुकार करते रहे। डॉक्टरों की इस लापरवाही से नवजात की जान भी सांसत में पड़ गई थी।

केजीएमयू के मीडिया प्रभारी डॉ. नरसिंह वर्मा ने कहा कि लखीमपुर के किरन नाम के मरीज की मौत की जानकारी मिली थी। मरीज की हालत बेहद गंभीर थी। प्रभारी डॉ. उमा सिंह से इस संबंध में जानकारी मंगाई गई थी। मरीज के इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई थी। इस मामले में पीड़ित पक्ष मामले की लिखित शिकायत करेगा तो जांच कराकर कार्रवाई होगी। पैसा मांगने या वसूली का मामला सामने नहीं आया था। ऐसा कुछ है तो इसे बंद कराया जाएगा।

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