फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   A woman came to Shravasti from Bangladesh with her three children.

यूपी: सामने आया सचिन-सीमा जैसा एक और मामला, बच्चों को लेकर बांग्लादेश से श्रावस्ती पहुंची दिलरुबा शर्मी

Sun, 01 Oct 2023 08:25 AM IST
ishwar ashish संवाद न्यूज एजेंसी, जमुनहा (श्रावस्ती)
संवाद न्यूज एजेंसी, जमुनहा (श्रावस्ती) Published by: ishwar ashish Updated Sun, 01 Oct 2023 08:25 AM IST
सार

टिकटॉक पर दोस्ती के बाद एक बांग्लादेशी महिला अपने तीन बच्चों के साथ प्रेमी के घर श्रावस्ती आ गई जिस पर प्रेमी की पत्नी ने आपत्ति की और अपने मायके वालों को खबर दे दी।

विज्ञापन
A woman came to Shravasti from Bangladesh with her three children.
अपनी बेटी और बेटे के साथ दिलरुबा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

टिकटॉक से हुई दोस्ती के बाद तीन बच्चों की मां बच्चों संग बांग्लादेश से प्रेमी के घर भरथा रोशनगढ़ पहुंच गई। जहां प्रेमी की पत्नी व परिवार के विरोध के बाद मामला मल्हीपुर थाने पहुंचा। जहां हुई बातचीत के बाद प्रेमिका अपने बच्चों संग वापस लौट गई।  

विज्ञापन


बांग्लादेश के जिला व थाना राउजन चटगांव निवासी दिलरुबा शर्मी के पति शैफुद्दीन की कोरोना काल में मृत्यु हो गई थी। जबकि मल्हीपुर थाना क्षेत्र के भरथा रोशनगढ़ निवासी अब्दुल करीम पुत्र मोहम्मद अमीम बुहरान देश में एक बेकरी में काम करता था। जिसका टिकटॉक के जरिए दिलरुबा शर्मा से संपर्क हुआ। इस दौरान अब्दुल करीम ने खुद को अविवाहित बताते हुए दिलरुबा से दोस्ती बढ़ाई। धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई। दोनों साथ रहने का वादा भी करने लगे।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - लोकसभा चुनाव 2024: संघ के अनुषांगिक संगठन दूर करेंगे चुनावी राह के कील कांटे, भगवा माहौल बनाने की कोशिश शुरू
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - अयोध्या: तस्वीरों में देखें राममंदिर की सीढ़ी व दरवाजों का काम, 32 सीढ़ियां चढ़कर भक्त करेंगे रामलला के दर्शन


इसके बाद दिलरुबा शर्मी टूरिस्ट वीजा पर अपनी पुत्री संजीदा (15), पुत्र मोहम्मद साकिब (12) व मोहम्मद रकीब (07) के साथ 26 सितंबर को कलकत्ता पहुंच गई। जहां से बाद में वह लखनऊ आई। लखनऊ से बहराइच आकर दो दिन वह किसी होटल में रुकने के बाद शुक्रवार को भरथा रोशनगढ़ पहुंच गई। दिलरुबा शर्मी की कहानी सुन अब्दुल करीम की पहली पत्नी शकीला बानो व आठ वर्षीय पुत्र मोहम्मद शादाब ने न सिर्फ इसका विरोध किया बल्कि इसकी सूचना जोखवा बाजार अपने मायके वालों को भी दे दी।

इसके बाद पूरा मामला एसएसबी व मल्हीपुर पुलिस तक पहुंचा। जहां पुलिस ने दिलरुबा व उसके बच्चों का वीजा जांचा तो वह वैध निकला। पुलिस की पूछताछ में दिलरुबा ने बताया कि उसे नहीं पता था कि अब्दुल करीम शदीशुदा व झूठा है। ऐसे इंसान के साथ वह अपने बच्चों संग रह कर जीवन बर्बाद नहीं करेगी। इसके बाद वह बच्चों संग वापस लखनऊ चली गई। इस बारे में थानाध्यक्ष मल्हीपुर धर्मेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि महिला बच्चो को लेकर ट्रेवल एजेंट के साथ लखनऊ गई है। जहां से टिकट कंफर्म होते ही वह वापस बांग्लादेश चली जाएगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed