सीतापुर के श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-टॉली को एक बेकाबू ट्रक ने सोमवार को लखनऊ के इटौंजा में टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि ट्रैक्टर-टॉली सड़क किनारे तालाब में पलट गई। इसमें 47 लोग सवार थे। इनमें से 10 की मौत हो गई। ग्रामीणों व पुलिस की मदद से 36 लोगों को बचा लिया गया। हादसे के बाद चालक ट्रक समेत फरार हो गया। ट्रैक्टर का चालक भी भाग निकला। डीएम ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।
Accident in Lucknow : ट्रक की टक्कर से 47 श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली तालाब में पलटी, दस की मौत
सीतापुर अटरिया के टिकौली गांव निवासी चुन्नी लाल उर्फ चुन्नन पत्नी कोमल व परिजनों के साथ इटौंजा के उनई गांव स्थित दुर्गा मंदिर में मनौती (कोछ) मांगने के लिए नवरात्रि के पहले दिन ट्रैक्टर-ट्रॉली से निकले थे।
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एसपी ग्रामीण हृदेश कुमार के मुताबिक हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। राहत कार्य शुरू कर दिया गया। इसके पहले गद्दीपुरवा के पूर्व प्रधान जहूर के नेतृत्व में गांव के लोगों ने 13 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। इसके बाद सभी लोगों को पुलिस टीम ने तालाब से बाहर निकाला। हादसे की सूचना मिलने पर तत्काल एसडीआरएफ की टीम को भी मौके पर बुला ली गई थी। वहीं हादसा होते ही चालक ट्रक लेकर भाग गया। जिसकी तलाश पुलिस कर ही है। पुलिस के मुताबिक ट्रैक्टर-ट्रॉली टिकौली के अवध नरेश पाल की थी। वह खुद ही ट्रैक्टर चला रहा था। हादसा होने के कुछ देर बाद तक मौके पर था। लेकिन लोगों के शव बाहर निकलने लगे तो वह भी भाग गया। पुलिस की उसकी भी तलाश कर रही है।
ट्राली के नीचे फंस गये थे लोग : हादसे के सूचना मिलते ही इटौंजा के प्रभारी निरीक्षक रवींद्र कुमार अपनी टीम के साथ पहुंच गये। राहत कार्य ग्रामीणों की मदद से शुरू किया। तीन शव को बाहर निकाला। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक हादसे की शिकार ट्राली तालाब मे गिरते ही सभी उसके नीचे दब गये थे। बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा था। किसी तरह पुलिस व ग्रामीणों ने ट्राली के नीचे से लोगों को बाहर निकाला। पुलिस के मुताबिक 36 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। सभी को सीएचसी इटौंजा में इलाज के लिए भेजा गया। जहां एक की हालत गंभीर होने पर ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया है।
डिप्टी सीएम ने परिजनों को बंधाया ढांढस : हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार, आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह, एसपी ग्रामीण हृदेश कुमार, एएसपी हृदेश कठेरिया और सीओ बीकेटी नबीना शुक्ला मौके पर पहुंच गये। सभी ने राहत कार्य की लगातार मानिटरिंग शुरू की। इसी बीच करीब 2.30 बजे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक पहुंच गये। उन्होंने मृतक के परिजनों से सीएचसी पर मुलाकात की। उनको ढांढस बंधाया। आश्वासन दिया कि सरकार हर संभव मदद करेगी। इसके बाद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक हादसा स्थल पर भी गये। जहां उन्होंने गद्दीपुरवा के ग्रामीणों को राहत कार्य में प्रशासन की मदद करने के लिए धन्यावाद दिया।
पांच घंटे चला राहत कार्य : हादसा सोमवार सुबह करीब 10 बजे हुआ। हादसे की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने राहत कार्य शुरू किया। वहीं कुछ देर में पुसिल व प्रशासनिक टीम भी पहुंच गई। एसडीआरएफ ने भी मोर्चा संभाल लिया। करीब 3 बजे तक राहत कार्य चलता रहा। अंतिम शव दोपहर में करीब 1.45 बजे एसडीआरएफ ने निकाला। इसके बाद डेढ़ घंटे तक पूरे तालाब में सर्च अभियान चलता रहा। वहीं ट्रैक्टर व ट्रॉली को बाहर निकालने के लिए पुलिस ने जेसीबी मंगाई थी।