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UP: झोपड़ी में चर्च बनाकर करवाते थे प्रार्थना सभा... प्रार्थना और चंगाई सभा पर मिशनरियों ने अभी लगाई रोक
Thu, 06 Mar 2025 10:25 AM IST
ishwar ashish
अभिषेक राज, अमर उजाला, लखनऊ
अभिषेक राज, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 06 Mar 2025 10:25 AM IST
सार
पैसा, सुविधा और नौकरी के नाम पर बरगलाकर धर्मांतरण कराने वालों पर सख्ती शुरू कर दी गई है। इसके लिए लखनऊ, अयोध्या, देवीपाटन, प्रयागराज व कानपुर मंडल के लिए जांच टीम का गठन कर दिया गया है।
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- फोटो : amar ujala
विस्तार
मिशनरियों का मिशन मुस्लिम अभियान सामने आने पर शासन ने सख्ती शुरू कर दी है। लखनऊ, अयोध्या, देवीपाटन, प्रयागराज व कानपुर मंडल में बरगलाकर धर्मांतरण कराने वालों की पहचान के लिए टीम गठित की गई है। सख्ती देख प्रलोभन और अंधविश्वास के नाम पर आर्थिक रूप से कमजोर मुस्लिम परिवारों को निशाना बनाने वाली मिशनरियों ने आगामी आदेश तक रविवार को होने वाली प्रार्थना सभा और चंगाई सभा पर रोक लगा दी है।
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अक्सर प्रार्थना सभा में शामिल होने वाले अयोध्या के अमानीगंज निवासी पवन कुमार व बिहार से सटे कुशीनगर जिले के गंगुआ मठिया गांव के प्रतीक गुप्ता के साथ ही आसिफ ने बताया कि इस रविवार प्रार्थना सभा स्थगित होने का संदेश आया है। कहा गया है कि अगले आदेश तक घर पर ही रहकर ही प्रार्थना करें।
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आईबी के पूर्व अधिकारी संतोष सिंह बताते हैं कि शासन की संख्ती का ही असर है कि इलाज और आर्थिक मदद के नाम पर धर्मांतरण कराने वाली मिशनरियों ने कार्रवाई से बचने के लिए अब गांवों में झोपड़ी में चर्च की व्यवस्था की तैयारी की है। छप्पर में ही कन्फेशन रूम, प्रार्थना स्थल, धर्मग्रंथों के रखने की व्यवस्था की जा रही है, जहां नियमित प्रार्थना सभा की तैयारी है। सप्ताह में एक दिन बाहर से पादरी के भेजने का इंतजाम किया गया है।
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श्रावस्ती मामले में ऐसा ही हुआ है। वहां झोपड़ी में ही प्रार्थना सभा शुरू की गई थी, जहां बहराइच व श्रावस्ती के साथ ही नेपाल से भी बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर हिन्दू और मुस्लिम परिवार पहुंच रहे थे। इसी प्रकार बलरामपुर के नेपाल से सटे थारू क्षेत्र में भी झोपड़ी को चर्च का रूप दिया गया है। इससे मिशनरियों को चर्च निर्माण के लिए प्रशासन से अनुमति की जरूरत नहीं पड़ रही और किसी को वहां चल रहे खेल का भी जल्दी पता नहीं चल रहा। सुरक्षा एजेंसियों तक खबर पहुंचने तक चर्च का स्थान बदल दिया जा रहा है।
इन पर है नजर
पांच फरवरी 2024 को बाराबंकी में धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार खंडासा गांव निवासी राम जनम अब भी प्रार्थना सभाओं में शामिल होता है। वह अपने साथ अन्य लोगों को भी ले जाता है। गडौली निवासी सरजू प्रसाद गौतम भी सक्रिय है। सोनम काफी दिनों से लापता है। अयोध्या क्षेत्र का निवासी घनश्याम गौतम झाड़ फूंक का काम करता था, वहीं से पीड़ित लोगों का विवरण मिशनरियों तक पहुंचाता था। अयोध्या के ही हारुन अपने समाज के गरीब परिवारों की सूची मिशनरियों को उपलब्ध करा रहा है। इन सभी पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर है।
देवीपाटन परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक अमित पाठक का कहना है कि धर्मांतरण के मामले में देवीपाटन मंडल के चारों जिलों के एसपी को सचेत किया गया है। कहीं पर भी धर्मांतरण का कोई मामला आता है तो त्वरित कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों को ट्रेस भी किया जा रहा है। सीमावर्ती क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों में निगरानी बढ़ाई गई है।