पीसीएस पेपर लीक पर छात्र ने किया आत्मदाह, बवाल!
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पीसीएस प्री परीक्षा का पेपर आउट होने के बाद शुरू हुआ बवाल लगातार बढ़ता जा रहा है। परीक्षा निरस्त करने, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष को बर्खास्त करने और भर्तियों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर शुक्रवार को विश्वविद्यालय परिसर में एमए प्रथम वर्ष के छात्र रजनीश सिंह ने छात्रसंघ भवन के सामने मिट्टी का तेल छिड़ककर खुद को आग के हवाले कर दिया।
छात्र प्रतापगढ़ का रहने वाला है और यहां विश्वविद्यालय के एक हॉस्टल का अंत:वासी है। घटना के वक्त वहां फोर्स मौजूद थी लेकिन किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की, उल्टे बवाल की आशंका पर पुलिस कर्मी मौके से ही भाग निकले।
आसपास मौजूद छात्रों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। इस घटना में रजनीश का चेहरा और शरीर का कुछ हिस्सा झुलस गया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद साथी छात्रों ने उसे कहीं छिपा दिया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
इस तरह खुद को किया आग के हवाले
विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन पर कुछ छात्र दिन में तकरीबन पौने बारह बजे पहुंचे। उनमें शामिल परास्नातक का छात्र रजनीश सिंह आत्मदाह की चेतावनी देने लगा। उसके हाथ में मिट्टी का तेल था। कोई कुछ समझ पाता, इससे पहले रजनीश ने मिट्टी का तेल छिड़कर आग लगा ली।
पूरी घटना वहां मौजूद पुलिस कर्मियों के सामने हुई लेकिन छात्र को बचाने की जगह पुलिस वाले इधर-उधर भागने लगे। वहां मौजूद अवधेश तिवारी बजरंगी, भाष्कर सिंह, सतीश तिवारी सहित तमाम छात्रों ने आग बुझाई लेकिन तब तक रजनीश का चेहरा और शहरी कुछ अन्य हिस्सा झुलस चुका था। उसके सीने, हाथ में कई जगह फफोले पड़ गए थे। छात्र उसे तत्काल सरकारी अस्पताल लेकर भागे।
प्राथमिक इलाज के बाद उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया। इस बीच पुलिस छात्र की तलाश में जुट गई लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। छात्र के साथियों ने बताया कि प्राथमिक उपचार के बाद रजनीश की हालत में काफी सुधार है।
उधर, रजनीश का कहना है कि पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा के दोनों पेपर निरस्त करने, आयोग अध्यक्ष की बर्खास्तगी और भर्तियों एवं पेपर आउट होने की सीबीआई जांच की मांग जब तक नहीं मानी जाती, आंदोलन जारी रहेगा।
अफसरों के जवाब के बाद, छात्रों ने दी धमकी
इस पर कर्नलगंज सीओ वीरेंद्र कुमार का कहना है ‘यह घटना विश्वविद्यालय परिसर में हुई है। पुलिस ने छात्र को पकड़ने की कोशिश की लेकिन वह भाग निकला। पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जा रही है।
वहीं विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर प्रो आरके. उपाध्याय का कहना है कि शाम को घटना की जानकारी हुई। शनिवार को विश्वविद्यालय खुलेगा तो देखा जाएगा कि छात्र यहां का है या नहीं। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।’
आमरण अनशन की चेतावनी
विश्वविद्यालय परिसर में आत्मदाह की कोशिश से छात्रों का गुस्सा और बढ़ गया है। रजनीश को बचाने वाले छात्र अवधेश तिवारी ने आमरण अनशन की चेतावनी दी है। अवधेश का कहना है कि अगर आयोग के अध्यक्ष को नहीं हटाया गया गया तो आमरण अनशन के लिए बाध्य होंगे।
वहीं, राजनीश के साथी छात्र भाष्कर का कहना है कि रजनीश का यह कदम गलत था लेकिन सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए कोई दूसरा रास्ता भी नहीं बचा है। सतीश का कहना है कि जब तक मांगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा।