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Lucknow News: कानपुर के हैलेट अस्पताल से केजीएमयू रेफर हुआ मरीज पहुंच गया निजी अस्पताल

Tue, 23 Dec 2025 02:25 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 23 Dec 2025 02:25 AM IST
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A patient referred from Hallett Hospital in Kanpur to KGMU has been admitted to a private hospital.
लखनऊ। कानपुर के हैलेट अस्पताल से केजीएमयू रेफर किया गया मरीज निजी अस्पताल के दलालों के चंगुल में फंस गया। दलालों ने सरकारी अस्पताल के खर्च पर बेहतर इलाज का झांसा देकर मरीज को चौक के निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। जहां मरीज के साथ इलाज में लापरवाही का आरोप लगा। बकाया बिल न चुकाने पर मरीज को बंधक बना लिया गया। परिजनों ने हंगामा करने के साथ चौक कोतवाली पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मरीज को छोड़ा गया। परिजनों ने मरीज को अब दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती कराया है।
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कानपुर के चिश्तीनगर के रहने वाले जुबेर ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि पिता एसएम हयामत (55) हेपेटाइटिस बी से ग्रसित हैं। किडनी रोग भी है। हालत गंभीर होने पर उन्हें हैलेट अस्पताल ले जाया गया था, जहां से रविवार को केजीएमयू रेफर कर दिया गया, मगर केजीएमयू पहुंचने पर ट्रॉमा सेंटर की आईसीयू में बेड खाली न होने का हवाला देकर बलरामपुर अस्पताल भेज दिया गया था।
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जुबेर का कहना है कि वह पिता को एंबुलेंस से बलरामपुर अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में एक अज्ञात नंबर से उन्हें कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को केजीएमयू का डॉक्टर बताया। कहा कि सरकारी अस्पताल के खर्च पर वह उनके पिता का इलाज निजी अस्पताल में करा देंगे। उसने चौक के यूनाइटेड अस्पताल को अपने मित्र का अस्पताल बताया। पीड़ित के मुताबिक बलरामपुर अस्पताल में भी बेड खाली न होने के कारण वह हताश हो गए थे। इस दौरान आरोपी लगातार उनके पास कॉल कर रहा था। झांसे में आकर उन्होंने मरीज को यूनाइटेड अस्पताल में भर्ती करा दिया।
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पांच हजार में इलाज का लिया था ठेका
जुबेर ने बताया कि यूनाइटेड अस्पताल में इलाज के लिए कुल पांच हजार रुपये का ठेका लिया गया था। इस बीच 10 हजार रुपये जमा भी करा लिए। 20 हजार और मांगने लगे। परेशान होकर उन्होंने पुलिस को फोन कर दिया। मौके पर आई पुलिस के हस्तक्षेप के बाद सात हजार रुपये और लेकर मरीज को छोड़ा गया।
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मामले की शिकायत मिलने पर मरीज को छुड़ा दिया गया है। मामला ट्रॉमा सेंटर से जुड़ा होने से वहां के अधिकारियों को जांच कराकर कार्रवाई की जानी चाहिए।
- डॉ. एपी सिंह, नर्सिंग होम के नोडल
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ट्रॉमा सेंटर का कोई भी डॉक्टर निजी अस्पतालों से गठजोड़ में शामिल मिला तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। मामले की जांच कराई जा रही है।
- डॉ. प्रेमराज, ट्रॉमा प्रभारी
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