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Lucknow News: उद्योगों के लिए बेहतर व्यापार के लिए मिला जुला रहा बजट

Mon, 02 Feb 2026 01:46 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 02 Feb 2026 01:46 AM IST
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A mixed bag for better business for industries
बजट
लखनऊ। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देते हुए सरकार ने उद्योगों के लिए 10 हजार करोड़ और सूक्ष्म उद्योगों के लिए 2 हजार करोड़ की अलग से व्यवस्था की है, मगर जीएसटी समेत कोई पैकेज का एलान न होने से व्यापारियों में निराशा है। हालांकि, कई व्यापारी जीएसटी सरलीकरण और आयकर जमा न करने पर सजा के प्रावधान के बदले जुर्माने पर सहमति जता रहे हैं। कुल मिलाकर व्यापारियों ने बजट पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी।
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महिला व्यापारियों को निराशा
Iव्यापारियों को बजट में सीधा-सीधा कुछ नहीं मिला। व्यापारियों की तमाम मांगें सरकार ने अनसुनी कर दी हैं। महिला व्यापारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बाजारों में सीसीटीवी लगाने की योजना आनी चाहिए। I
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I- वर्तिका शुक्ला, नगर उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल, लखनऊI
छोटे, मध्यम और खुदरा व्यापारियों की अनदेखी
Iबजट पूरी तरह व्यापार विरोधी है। व्यापारी वर्ग लंबे समय से टैक्स सरलीकरण, जीएसटी में राहत, पूंजी की आसान उपलब्धता, बढ़ती लागत और महंगाई से राहत की अपेक्षा कर रहा था, लेकिन इन मुद्दों पर कोई ठोस और प्रभावी प्रावधान नहीं किया गया। I
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I- अंजनी कुमार पांडेय, राष्ट्रीय अध्यक्ष, संयुक्त उद्योग व्यापार मंडलI
नहीं दिखा खास बदलाव
Iपिछले बजट से कोई खास बदलाव नहीं दिखा। इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ। मेगा टेक्सटाइल पार्क बनाने का फैसला अच्छा है। व्यापारियों की ई-कॉमर्स कंपनियों पर लगाम लगाने की मांग को भी अनसुना किया गया। I
I- देवेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष, भूतनाथ व्यापार मंडलI
करों के सरलीकरण के एलान से राहत
Iपारंपरिक औद्योगिक क्षेत्रों व तीर्थ स्थलों के विकास जैसी योजनाओं से व्यापारियों के कारोबार को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा। चमड़ा उद्योग, बैटरी, सीएनजी व जीवनरक्षक दवाओं को सस्ता करने के साथ इनकम टैक्स प्रणाली का सरलीकरण होना बजट को व्यापार हितैषी बनाता है। I
I- योगेंद्र सिंह, प्रदेश युवा महामंत्री, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडलI
कपड़ों पर जीएसटी छूट नहीं मिली
Iहैंडलूम मिशन को प्रोत्साहन मिलेगा। मेगा टेक्सटाइल्स पार्क स्थापित करने से निर्यात सस्ता होगा। छोटे उद्योगों में रेशम व जूट को बढ़ावा मिलेगा लेकिन कपड़ों पर जीएसटी में छूट की उम्मीद धूमिल हुई। I
I- अशोक मोतियानी, कपड़ा व्यापारीI
सजा का प्रावधान खत्म होने का स्वागत
Iकर जमा न होने पर सजा का प्रावधान समाप्त करते हुए आम व्यक्ति को मुख्य धारा में लाने का प्रयास सराहनीय है। यही जीएसटी में भी लागू हो। स्वदेशी उत्पादों के लिए ओडीओपी योजना को बढ़ावा देना विस्तृत रूप से रोजगार में भी वृद्धि करेगा। I
I- सुरेश छाबलानी, महानगर अध्यक्ष, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडलI
उद्योगों को मिली बड़ी राहत
Iबजट में विकसित भारत का फार्मूला दिखा। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 10 हजार करोड़ की घोषणा स्वागत योग्य है। इससे उद्योग राहत की सांस लेंगे। औद्योगिक मदद से व्यापार भी प्रभावित होगा। कच्चे माल की बिक्री ज्यादा होगी इससे व्यापार को भी रफ्तार मिलेगी। I
I- संदीप बंसल, राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडलI
करदाताओ को मिलेगी राहत
Iसंशोधित आयकर रिटर्न दाखिल करने की तारीख 31 मार्च तक बढ़ाना करदाताओं के लिए राहत भरा कदम है, जिससे वे अपनी गलतियां सुधार सकेंगे। 10,000 करोड़ का एमएसएमई ग्रोथ फंड छोटे और मध्यम व्यवसायों को आगे बढ़ने में मदद करेगा। I
I- वरुण सिंघल, सीए व उद्यमी I
आर्थिक विकास और रोजगार परक बजट
Iआर्थिक विकास, रोजगार सृजन और निर्यात वृद्धि को ध्यान में रखकर तैयार किया गया बजट है। अंतरराष्ट्रीय सरकारों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के बाद सरकार की उत्पाद एवं संबंधित शुल्कों में दी गई छूट से चमड़ा, जूता, कपड़ा सहित अन्य निर्यात क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। कर विवादों के निस्तारण के लिए 5 करोड़ रुपये तक के मामलों में 20% कर एवं 20% पेनाल्टी जमा कर निस्तारण की व्यवस्था व्यापारियों के लिए राहतकारी है जिससे मुकदमेबाजी कम होगी।I
I- अमरनाथ मिश्र, अध्यक्ष, लखनऊ व्यापार मंडल I
लघु उद्योगों व व्यापारियों को मिलेगा लाभ
Iदेश को दालों में आत्मनिर्भर बनाने के लिए विदेशी दालों के आयात को नियंत्रित करने को लेकर ड्यूटी फ्री अरहर व उड़द सहित सभी विदेशी दालों पर 50 प्रतिशत आयात शुल्क लगाना चाहिए था, जो नहीं हुआ। अघोषित इनकम घोषित करने पर पेनाल्टी की बजाय केवल तीस प्रतिशत टैक्स लगाने की नई व्यवस्था से व्यापारी उद्यमियों को राहत है। I
I- ज्ञानेश मिश्र, प्रदेश अध्यक्ष , भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडलI
जनता को मिलेगी राहत
Iसंतुलित बजट में एमएसएमई और उद्योग पर ज्यादा ध्यान दिया है। इससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कैंसर और डायबिटीज की दवा सस्ती होने से जनता को राहत मिलेगी। I

I- प्रभु जालान, उपाध्यक्ष लखनऊ व्यापार मंडलI
वैश्विक अस्थिरता के मद्देनजर बजट
Iकिसी फर्म या व्यक्ति पर आरोपित कर के विरुद्ध अपील दायर करने के लिए पहले 20 प्रतिशत राशि जमा होती थी, जिसे घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। यह स्वागत योग्य है। वैश्विक अस्थिरता को देखते हुए निर्यात पर पड़ने वाले असर को पूरी तरह ध्यान में रखकर बजट तैयार किया गया है।I
I- राजेंद्र अग्रवाल, चेयरमैन, लखनऊ व्यापार मंडलI
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