फैमिली कोर्ट में ही तलाक..तलाक..बोलकर चला गया शौहर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन तलाक पर ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड के कोड ऑफ कंडक्ट जारी करने के अगले ही दिन सोमवार को गोंडा के फेमिली कोर्ट में एक युवक ने अपनी बीवी को एक बार में तीन तलाक देकर नाता तोड़ लिया।
तीन तलाक सुनते ही पत्नी बेसुध होकर पिता के कंधे पर निढाल हो गई। मां को देखकर उसकी डेढ़ साल की बेटी भी बिलखती रही। पर्सनल लॉ बोर्ड ने एक बार में तीन तलाक को शरीयत के खिलाफ बताया है।
पीड़ित रुकइया खातून के अधिवक्ता मिर्जा शाहिद बेग ने बताया कि रुकइया का निकाह पटेल नगर के महफूज अहमद के साथ 8 नवंबर 2014 को हुआ था। दहेज में 20 हजार रुपये नकद व अन्य सामान दिया गया था। बाद में ससुराल वाले बाइक, सोने की चेन व 50 हजार रुपये की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने रुकइया को गर्भवती हालत में धक्के मारकर घर से बाहर निकाल दिया।
रुकइया ने शौहर महफूज, ससुर महमूद अहमद, सास कक्को, देवर सईद, मकसूद व मंजूर और महफूज की मामी हमीदा के खिलाफ दस जून 2015 को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
ससुराल न ले जाने पर जमानत निरस्त कर दी
मामला कोर्ट में पहुंचा तो महफूज को छोड़ सभी को जमानत मिल गई। महफूज के 4 बार अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया। इस बीच, रुकइया के ससुराल वाले उसे घर नहीं ले गए तो सीजेएम ने 14 अप्रैल को महफूज की जमानत निरस्त कर दी।
मामला, जिला जज साधनारानी ठाकुर के पास पहुंचा तो उन्होंने महफूज व ससुर कल्लू से रुकइया को ससुराल में सही-सलामत रखने का वचनपत्र लिया। यह आदेश पारित होने पर जिला जज ने 28 अप्रैल 2017 तक महफूज को अंतरिम जमानत पर रिहा किया।
सोमवार को महफूज व उसके घर वाले रुकइया को लेकर कचहरी पहुंचे। यहां परिवार न्यायालय में पहले से गुजारे भत्ते का केस चल रहा था। अदालत में महफूज शपथ पत्र के साथ रुकइया को अदालत में तीन बार तलाक कहकर चला गया।