लखनऊ। मजलिस उलेमा-ए-हिंद की ओर से तहसीनगंज स्थित जामा मस्जिद में अयातुल्ला अली खामेनेई की तदफीन की मुनासिबत से कुरआनख्वानी और मजलिस-ए-अजा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत तंजीमुल मकातिब के छात्र कारी मोहम्मद रेहान की तिलावत-ए-कुरआन से हुई। मौलाना हैदर अब्बास रिजवी ने कहा कि अयातुल्ला अली खामेनेई ने कुरआन को केवल पढ़ने ही नहीं, बल्कि उसे समझकर जीवन में अपनाने पर भी जोर दिया। प्रसिद्ध शायर मौलाना साबिर अली ने अयातुल्ला अली खामेनेई की शान में मंजूम नजराना-ए-अकीदत पेश किया। कार्यक्रम में मौलाना सईदुल हसन, मौलाना हसनैन बाकरी, मौलाना निसार अहमद जैनपुरी, मौलाना कल्ब अहमद, मौलाना मकातिब अली आदि मौजूद रहे। संचालन मौलाना हैदर अब्बास ने किया।

कुरआनख्वानी और मजलिस-ए-अजा का आयोजन किया गया।

कुरआनख्वानी और मजलिस-ए-अजा का आयोजन किया गया।

कुरआनख्वानी और मजलिस-ए-अजा का आयोजन किया गया।

कुरआनख्वानी और मजलिस-ए-अजा का आयोजन किया गया।