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मुख्यमंत्री योगी से मिला आंध्र प्रदेश के आदिवासी बच्चों का समूह, 21 बच्चों का दल साइकिल से निकला है भारत भ्रमण पर
Fri, 02 Apr 2021 06:30 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 02 Apr 2021 06:30 PM IST
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आंध्र के आदिवासी बच्चों से मिलते मुख्यमंत्री योगी
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश से भारत भ्रमण पर निकले बच्चों से लखनऊ में मुलाकात की। बताया गया है कि छह फरवरी को आंध्र प्रदेश के 21 बच्चों का दल साइकिल से भारत भ्रमण पर निकला था। पिछले करीब एक हफ्ते में बच्चे उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में भ्रमण कर रहा है। इन बच्चों के प्रदेश में होने की खबर जैसे ही मुख्यमंत्री को पता चली, उन्होंने व्यस्तता के बावजूद लखनऊ से बाहर होते हुए भी इन बच्चों के रहने- खाने का इंतज़ाम करवाया। साथ ही इनके लिए होली की मिठाई भी भिजवाई।
आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले में टाइगर रिजर्व श्रीसेलम के अंदरूनी हिस्से में चेंचू आदिवासियों का पलूतला गांव पड़ता है। वहां से संरक्षक कलिदासु की देखरेख में 21 बच्चों का एक दल साइकिल से हिमालय की यात्रा पर निकला था। इस दल में सबसे छोटा बच्चा 8 साल का और सबसे बड़ा 18 का है। इनमें 6 लडकियां भी शामिल हैं। अनुमानित 150 दिन के सफ़र में ये बच्चे 15 प्रान्त, 75 जिले और 9000 किलोमीटर की दूरी साइकिल से तय करेंगे। श्रीसेलम टाइगर रिजर्व से निकल पहली बार चकाचौंध भरी दुनिया देखने वाले इन बच्चों ने 6 फरवरी को अपनी यात्रा शुरू की है।
होली के पहले पहले ये अयोध्या में थे। वहां रामलला के दर्शन करने के बाद लखनऊ आए हैं। इन बच्चों के मेंटर और संरक्षक कालिदासु और उनकी टीम अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण से बहुत खुश बताई गई है। ये बच्चे सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलना चाहते थे। योगी ने उनकी इच्छा पूरी की। इनके संरक्षक कलिदासु एक शिक्षक हैं, उनकी इच्छा है की चेंचू आदिवासी बच्चे भी विकास की मुख्य धारा से जुड़ें। इसी तरह इन मूल आदिवासी बच्चों की वाराणसी यात्रा भी बहुत खास रही। आदिवासी बच्चों के बारे में पूछने पर उनके अगुवा बताते हैं कि सनातन धर्म और शैव परंपरा का एक संत देश की इतने ऊंचे पद पर बैठा है, मूल आदिवासियों के लिए यह गर्व का विषय है। वजह, हम आदिवासियों के लिए नाथ सम्प्रदाय पूज्यनीय है।
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आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले में टाइगर रिजर्व श्रीसेलम के अंदरूनी हिस्से में चेंचू आदिवासियों का पलूतला गांव पड़ता है। वहां से संरक्षक कलिदासु की देखरेख में 21 बच्चों का एक दल साइकिल से हिमालय की यात्रा पर निकला था। इस दल में सबसे छोटा बच्चा 8 साल का और सबसे बड़ा 18 का है। इनमें 6 लडकियां भी शामिल हैं। अनुमानित 150 दिन के सफ़र में ये बच्चे 15 प्रान्त, 75 जिले और 9000 किलोमीटर की दूरी साइकिल से तय करेंगे। श्रीसेलम टाइगर रिजर्व से निकल पहली बार चकाचौंध भरी दुनिया देखने वाले इन बच्चों ने 6 फरवरी को अपनी यात्रा शुरू की है।
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होली के पहले पहले ये अयोध्या में थे। वहां रामलला के दर्शन करने के बाद लखनऊ आए हैं। इन बच्चों के मेंटर और संरक्षक कालिदासु और उनकी टीम अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण से बहुत खुश बताई गई है। ये बच्चे सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलना चाहते थे। योगी ने उनकी इच्छा पूरी की। इनके संरक्षक कलिदासु एक शिक्षक हैं, उनकी इच्छा है की चेंचू आदिवासी बच्चे भी विकास की मुख्य धारा से जुड़ें। इसी तरह इन मूल आदिवासी बच्चों की वाराणसी यात्रा भी बहुत खास रही। आदिवासी बच्चों के बारे में पूछने पर उनके अगुवा बताते हैं कि सनातन धर्म और शैव परंपरा का एक संत देश की इतने ऊंचे पद पर बैठा है, मूल आदिवासियों के लिए यह गर्व का विषय है। वजह, हम आदिवासियों के लिए नाथ सम्प्रदाय पूज्यनीय है।
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