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Lucknow News: पुराने हाईकोर्ट में फर्जी कार्यालय खोल अर्दली की नौकरी के नाम पर ठगी
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लखनऊ। पुराने हाईकोर्ट में फर्जी कार्यालय खोलकर अर्दली की नौकरी दिलाने के नाम पर सात लोगों से 34 लाख रुपये ठगने वाले गिरोह का वजीरगंज पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। खुद को अधिवक्ता बताने वाले इनके साथी को गिरफ्तार किया गया है। वह पुराने हाईकोर्ट में अर्दली की ट्रेनिंग देता था।
इंस्पेक्टर राजेश त्रिपाठी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मूलरूप से अमेठी के सुल्तानपुर का मो. मेराज है। वर्तमान में हसनगंज के डालीगंज में रह रहा मेराज शिया पीजी कॉलेज से लॉ की पढ़ाई कर रहा है। गिरोह का सरगना प्रदीप चौहान है।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह, प्रदीप, अभिषेक कुमार सिंह और अजय सिंह खुद को जिला कोर्ट व सचिवालय का अधिकारी बताकर नौकरी का झांसा देते हैं। पुराना हाईकोर्ट स्थित सीएससी बिल्डिंग के कमरा नंबर 307 में फर्जी ऑफिस खोल रखा था। कुछ समय पहले शिवम गौड़, उनके साथी रंजीत गौड़, अमित कुमार, रजनी, सूरज, राधिका व राहुल कुमार को अर्दली की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 34 लाख रुपये लिए गए थे।
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12 दिन ट्रेनिंग भी कराई
इंस्पेक्टर के मुताबिक मेराज व उसके साथियों ने पीड़ितों को भरोसा दिलाने के लिए दफ्तर बुलाकर 12 दिन की अर्दली की ट्रेनिंग भी कराई। उन्हें नियुक्ति पत्र भी दे दिया, लेकिन पीड़ितों को संदेह हो गया। वे रकम लौटाने का दबाव बनाने लगे। मेराज ने 25 की शाम 6:30 बजे सभी को रकम लेने के लिए स्वास्थ्य भवन चौराहे पर बुलाया। पीड़ित पहुंचे तो मेराज व उसके 20 साथियों ने हमला कर दिया। पीड़ितों ने पुलिस को जानकारी दी। मौके से मेराज को पकड़ लिया। उसने बताया कि वह अधिवक्ताओं के लिए काम करता था। इसके बदले उसे कमीशन मिलता था। मेराज के साथियों की तलाश में पुलिस टीम लगी है।
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इंस्पेक्टर राजेश त्रिपाठी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मूलरूप से अमेठी के सुल्तानपुर का मो. मेराज है। वर्तमान में हसनगंज के डालीगंज में रह रहा मेराज शिया पीजी कॉलेज से लॉ की पढ़ाई कर रहा है। गिरोह का सरगना प्रदीप चौहान है।
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पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह, प्रदीप, अभिषेक कुमार सिंह और अजय सिंह खुद को जिला कोर्ट व सचिवालय का अधिकारी बताकर नौकरी का झांसा देते हैं। पुराना हाईकोर्ट स्थित सीएससी बिल्डिंग के कमरा नंबर 307 में फर्जी ऑफिस खोल रखा था। कुछ समय पहले शिवम गौड़, उनके साथी रंजीत गौड़, अमित कुमार, रजनी, सूरज, राधिका व राहुल कुमार को अर्दली की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 34 लाख रुपये लिए गए थे।
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12 दिन ट्रेनिंग भी कराई
इंस्पेक्टर के मुताबिक मेराज व उसके साथियों ने पीड़ितों को भरोसा दिलाने के लिए दफ्तर बुलाकर 12 दिन की अर्दली की ट्रेनिंग भी कराई। उन्हें नियुक्ति पत्र भी दे दिया, लेकिन पीड़ितों को संदेह हो गया। वे रकम लौटाने का दबाव बनाने लगे। मेराज ने 25 की शाम 6:30 बजे सभी को रकम लेने के लिए स्वास्थ्य भवन चौराहे पर बुलाया। पीड़ित पहुंचे तो मेराज व उसके 20 साथियों ने हमला कर दिया। पीड़ितों ने पुलिस को जानकारी दी। मौके से मेराज को पकड़ लिया। उसने बताया कि वह अधिवक्ताओं के लिए काम करता था। इसके बदले उसे कमीशन मिलता था। मेराज के साथियों की तलाश में पुलिस टीम लगी है।