फर्जी वेबसाइट बनाकर इस तरह से ठगा यूपी के बेरोजगारों को
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मानव संसाधन मंत्रालय की फर्जी वेबसाइट बनाकर 996 से अधिक बेरोजगारों को नौकरी का झांसा देकर ठग लिया गया। ठगी का शिकार होने वालों में प्रदेश के 230 लोग भी शामिल हैं।
शातिरों ने वेबसाइट पर फर्जी रिक्तियां निकाली थीं और आवेदन करने वालों से ऑनलाइन पेमेंट के जरिये 500-500 रुपये जमा कराए थे। एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि कॉल सेंटर चलाने वाले बागपत के एक शातिर ने वेबसाइट बनाई थी।
वेबसाइट ब्लॉक करने के साथ उसे पकड़ने के लिए एक टीम बागपत भेजी गई है। एसटीएफ ने बीते दिनों शिकायत के बाद इस वेबसाइट की पड़ताल शुरू की थी। इस फर्जी वेबसाइट के जरिये शातिर ने अपर डिवीजन क्लर्क और लोअर डिवीजन क्लर्क के पदों पर रिक्तियां निकाल दी थीं।
इसमें रिक्रूटमेंट सेक्शन में जाकर ऑनलाइन फार्म भरते ही परीक्षा शुल्क के रूप में 500 रुपये जमा करने के लिए एक ऑप्शन दिया गया था।
कॉल सेंटर के बहाने होता काम
एसटीएफ सूत्रों ने बताया कि शुल्क जमा करने के लिए कोई बैंक अकाउंट देने के बजाय शातिर ने ‘पेयू’ को पेमेंट गेटवे बनाया था। आवेदक जो परीक्षा शुल्क जमा कर रहे थे वह पेमेंट गेटवे के जरिये बैंक ऑफ बड़ौदा की बक्सर शाखा के एक अकाउंट नंबर पर भेजा जा रहा था।
फर्जी वेबसाइट की शिकायत मिलने पर एसटीएफ ने बैंक से पेमेंट की डिटेल निकलवाई जिसमें 996 लोगों के परीक्षा शुल्क जमा करने की जानकारी मिली। एएसपी डॉ. त्रिवेणी सिंह का कहना है कि इन लोगों के अलावा कई अन्य लोगों से भी ठगी की गई है।
जिन्होंने ई-मेल या लिखित शिकायत भेजी है। उन्होंने आशंका जताई है कि यह गिरोह कॉल सेंटर खोलकर ठगी करने वाले नेटवर्क से संबंधित हो सकता है।