लखनऊ में सांड से टकराई मेमू ट्रेन, पटरी क्षतिग्रस्त, हादसा टला
लखनऊ में अमौसी रेलवे स्टेशन के पास लखनऊ-कानपुर रेलखंड पर सोमवार रात एक सांड पटरी पर आ गया। रात करीब सवा बारह बजे कानपुर जा रही मेमू ट्रेन सांड से टकरा गई। हालांकि, बड़ा हादसा टल गया। टक्कर इतनी तेज होने के कारण ट्रेन रुकी और चली भी गई, लेकिन किसी को इसका पता ही नहीं चला।
बाद में दूसरी ट्रेन के लिए पॉइंट बनाने के दौरान मामले का खुलासा हुआ तो रेलवे अफसरों में हड़कंप मच गया। अफसरों ने मौके का निरीक्षण करने के बाद ध्वस्त हुए स्लीपर और पॉइंट मोटर तत्काल बदलने के आदेश दिए। फिलहाल मंगलवार शाम तक उन्हे बदलने का काम चलता रहा।
100 मीटर तक घिसटता रहा सांड
लखनऊ से कानपुर जाने वाली 64257 अप मेमू (पैसेंजर) ट्रेन सोमवार रात करीब दो घंटा लेट से जा रही थी। रात करीब 12:15 बजे ट्रेन जैसे ही अमौसी स्टेशन स्थित अनौरा रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंची तभी अचानक एक सांड पटरी पर आ गया और ट्रेन में फंसने के बाद करीब 100 मीटर तक घिसटता चला गया।
इसकी पड़ताल शुरू हुई, कर्मचारी घटनास्थल के पास पहुंचे और वहां का नजारा देखते ही उनके होश उड़ गए। अनौरा रेलवे क्रॉसिंग से लेकर अमौसी रेलवे स्टेशन तक पटरी के किनारे लगी विद्युत पॉइंट, मोटर और प्लेटफॉर्म-1 को जाने वाली पटरी के सभी स्लीपर क्षतिग्रस्त हो गए थे।
इसके अलावा पटरी पर सांड भी क्षत-विक्षत हालत में पड़ा मिला। आनन-फ ानन घटना की सूचना अधिकारियों को दी गई। इस घटना में एक बड़ा रेल हादसा होते-होते बच गया।
कुछ समय पहले ही गुजरी थी कैफियात एक्सप्रेस
जिस रूट से यह मेमू कानपुर जा रही थी उससे कुछ समय पहले ही आजमगढ़ से दिल्ली जाने वाली कैफियात एक्सप्रेस घटना स्थल से गुजरी थी। मेमू का बेपटरी होकर चार सौ मीटर तक दौड़ जाना, पटरी के किनारे स्लीपर, विद्युत पॉइंट और मोटर का क्षतिग्रस्त हो जाना एक बड़े हादसे का कारण बन सकता था।
यह संजोग की बात है कि इस दौरान कोई और ट्रेन इस रूट से नहीं गुजरी। रेल अधिकारियों के मुताबिक मेमू में लगभग 500 यात्री सवार थे। देर रात ही मेंटेेनेंस का काम शुरू कर दिया गया था। ट्रैक दुरुस्त करने का काम सुबह तक चलता रहा।
उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के डीआरएम सतीश कुमार का कहना है कि मेमू के रेक ब्रेक में तकनीकी खामी और घटना स्थल पर स्लीपर की दिक्कत होने के कारण कोच पटरी से उतरा था। मेमू का पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ जंक्शन से संचालन होता है। इस मामले की पूर्वोत्तर रेलवे मंडल प्रबंधक से जांच कराने की बात कही गई है।